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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन समाप्त: पीएम मोदी ने तकनीक के हथियार बनने पर जताई चिंता

नई दिल्ली घोषणापत्र को मिली मंजूरी, नेताओं ने सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

झटपट समझें

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन नई दिल्ली में हुआ, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक के हथियार बनने पर चिंता जताई और समावेशिता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

  • सम्मेलन में 'न्यू दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
  • नेताओं ने तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य, नवाचार और व्यापार में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक और खनिजों के हथियार के रूप में इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की।
  • सम्मेलन में ब्रिक्स एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली और डिजिटल कृषि नेटवर्क जैसी पहलें सहमत हुईं।
  • भारत के बाद ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन को मिलेगी।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम का पूर्वी द्वार की ओर से दृश्य
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम का पूर्वी द्वार की ओर से दृश्य।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार, 13 सितंबर को संपन्न हो गया। भारत की अध्यक्षता में हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'न्यू दिल्ली घोषणापत्र' को मंजूरी दी थी। दूसरे दिन नेताओं ने तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य, नवाचार और व्यापार में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के हथियार के रूप में इस्तेमाल पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे साझा प्रगति में बाधा आ सकती है। प्रधानमंत्री ने तकनीक को अपनाने में समावेशिता पर जोर दिया, ताकि इसका लाभ सभी देशों तक पहुंचे।

सम्मेलन के दूसरे दिन का खुला सत्र भारत की अध्यक्षता के चार स्तंभों, यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं को सम्मेलन को परिणाम-केंद्रित बनाने के लिए धन्यवाद दिया।

सम्मेलन में कई ठोस पहलों पर सहमति बनी। इनमें संक्रामक रोगों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ब्रिक्स एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली, लॉजिस्टिक आपूर्ति श्रृंखला सहयोग ढांचा और डिजिटल कृषि नेटवर्क शामिल हैं। आपदा प्रबंधन के लिए पूर्व चेतावनी से जुड़े आंकड़ों के एकीकरण संबंधी दिशानिर्देश भी तैयार किए गए।

भारत के बाद अब ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन के पास जाएगी और अगला शिखर सम्मेलन वहीं आयोजित होगा। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।

सम्मेलन के समापन के बाद सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर न्यू दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाए जाने को सम्मेलन की अहम उपलब्धि करार दिया। सम्मेलन में शामिल होने आए विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की वापसी भी सोमवार को शुरू हो गई।

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