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दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे निर्धारित धरना-प्रदर्शन, पुलिस ने तय किए तीन नए स्थान

नई दिल्ली: देश की राजधानी में धरना-प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है।

झटपट समझें

नई दिल्ली: देश की राजधानी में धरना-प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने ऐतिहासिक जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है।

मुख्य बातें

  • नई दिल्ली: देश की राजधानी में धरना-प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है।
  • दिल्ली पुलिस ने ऐतिहासिक जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है।
  • इसकी जगह राजधानी में तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं, जहां नागरिक और संगठन निर्धारित नियमों के तहत धरना-प्रदर्शन आयोजित कर सकेंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे निर्धारित धरना-प्रदर्शन, पुलिस ने तय किए तीन नए स्थान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे निर्धारित धरना-प्रदर्शन, पुलिस ने तय किए तीन नए स्थान

नई दिल्ली: देश की राजधानी में धरना-प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने ऐतिहासिक जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसकी जगह राजधानी में तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं, जहां नागरिक और संगठन निर्धारित नियमों के तहत धरना-प्रदर्शन आयोजित कर सकेंगे।

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से 11 अक्टूबर को जारी आदेश की जानकारी सोमवार, 12 अक्टूबर को सामने आई। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।

अब दिल्ली में कहां होंगे धरना-प्रदर्शन?

नई व्यवस्था के तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित किया गया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी।

नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन करता है। फिलहाल यह बदलाव निर्धारित प्रदर्शन स्थलों से संबंधित है। इसे नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध करने के संवैधानिक अधिकार की समाप्ति नहीं माना जाना चाहिए।

जंतर-मंतर का ऐतिहासिक महत्व

दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से देशभर के सामाजिक संगठनों, किसान समूहों, कर्मचारी संघों और राजनीतिक दलों के विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है।

संसद और केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के नजदीक होने के कारण यहां आयोजित आंदोलनों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष ध्यान मिलता रहा है।

नए फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों को निर्धारित वैकल्पिक स्थानों पर जाना होगा। इससे राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों की व्यवस्था के साथ उनकी पहुंच और दृश्यता पर भी असर पड़ सकता है।

फैसले पर विरोध भी शुरू

यह निर्णय ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजधानी में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का विरोध किया है। संगठन का आरोप है कि इस फैसले से नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध करने के अधिकार पर असर पड़ेगा।

वहीं, पुलिस का आदेश गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों पर आधारित है। नए प्रदर्शन स्थलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही अनुमति और आयोजन की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

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