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आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत: परिवार के आरोपों पर FIR, क्राइम ब्रांच को जांच

साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जातिगत उत्पीड़न का आरोप, मुंबई पुलिस ने दर्ज की FIR।

आईआईटी बॉम्बे के बाहर मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भीड़, साथ में विरोध के संकेत।
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में परिवार के आरोपों पर पुलिस जांच जारी है।
मुख्य बातें

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके परिवार की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है, जिसकी जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।

  • आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में FIR दर्ज की गई है।
  • परिवार ने साहिल पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
  • मुंबई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
  • मामले की जांच मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
  • आईआईटी बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है।
  • छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन कर पारदर्शी जांच की मांग की है।

IIT बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में नया और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। परिवार की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज की है। देर शनिवार रात मामले की जांच मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई।

साहिल Energy Science and Engineering विभाग में पढ़ते थे और शुक्रवार शाम पवई परिसर के हॉस्टल में मृत पाए गए थे। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। उनकी मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की घटना सामने आई थी। IIT बॉम्बे का कहना है कि छात्र ने प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर उत्तर मांगे थे।

संस्थान के अनुसार परीक्षा की घटना के बाद शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने साहिल से बातचीत की थी। IIT बॉम्बे का दावा है कि उस समय उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई और उन्हें बताया गया था कि इस घटना से उनका अकादमिक भविष्य प्रभावित नहीं होगा।

दूसरी ओर परिवार ने संस्थान के इस पक्ष से अलग गंभीर आरोप लगाए हैं। साहिल के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके बेटे को पिछले कुछ महीनों से जाति के आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर एक वरिष्ठ प्रोफेसर समेत अन्य लोगों के खिलाफ BNS की धारा 108 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये फिलहाल परिवार के आरोप हैं और पुलिस जांच जारी है; आरोप अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।

IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। संस्थान के SC/ST Students and Staff Cell ने कहा कि साहिल की ओर से उसके पास जातिगत भेदभाव से संबंधित कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। संस्थान ने कहा है कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेगा और जांच पूरी होने तक अटकलों से बचा जाना चाहिए।

इस बीच परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गया है। शनिवार रात छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला और मामले की पारदर्शी जांच के साथ संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य सहायता, छात्र प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे उठाए।

परिवार ने शुरुआत में शव लेने से इनकार कर दिया था और कार्रवाई की मांग की थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आश्वासन तथा जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद शनिवार रात करीब नौ बजे परिवार ने शव लिया और अंतिम संस्कार के लिए यवतमाल रवाना हुआ। क्राइम ब्रांच में ACP स्तर के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी दिए जाने की रिपोर्ट है।

प्रकाशित: रविवार, 20 सितंबर 2026 | 2:22 PM IST

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