लाइव टीवी

SEMICON India 2026 में रिकॉर्ड भागीदारी: भारत के चिप इकोसिस्टम में वैश्विक रुचि बढ़ी

दिल्ली में आयोजित SEMICON India 2026 में 50,000 पंजीकरण और 600 कंपनियों की भागीदारी दर्ज की गई।

झटपट समझें

SEMICON India 2026 में 50,000 पंजीकरण और 600 कंपनियों की भागीदारी ने भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में बढ़ती वैश्विक रुचि को उजागर किया, जिसमें लगभग आधी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं। यह आयोजन 17 से 19 सितंबर तक दिल्ली के यशोभूमि में हुआ, जिसमें 40,000 लोग उपस्थित रहे।

मुख्य बातें

  • SEMICON India 2026 में 50,000 पंजीकरण और 40,000 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई।
  • इस आयोजन में लगभग 600 कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें से लगभग आधी अंतरराष्ट्रीय थीं।
  • सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, सामग्री और चिप डिजाइन से जुड़े 25 प्रमुख समझौते हुए।
  • Tata Electronics ने अपने धोलेरा और असम सुविधाओं के लिए सात रणनीतिक समझौते किए।
  • भारत में अब पांच सेमीकंडक्टर इकाइयां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं।
  • SEMICON India का अगला संस्करण 1 से 3 मार्च 2028 के बीच आयोजित करने का प्रस्ताव है।
सेमीकॉन इंडिया 2026 का एक प्रदर्शनी हॉल, जिसमें एक बड़ा सिलिकॉन वेफर और लोग चल रहे हैं।
SEMICON India 2026 में भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में बढ़ती वैश्विक रुचि पर प्रकाश डाला गया।

नई दिल्ली: भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर वैश्विक कंपनियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ती दिख रही है। दिल्ली के यशोभूमि में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित SEMICON India 2026 में करीब 50,000 रजिस्ट्रेशन हुए और लगभग 40,000 लोगों की कुल उपस्थिति दर्ज की गई। आयोजन में करीब 600 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जबकि पिछले संस्करण में यह संख्या लगभग 350 थी।

India Semiconductor Mission के CEO अमितेश कुमार सिन्हा ने समापन सत्र में बताया कि भाग लेने वाली लगभग 600 कंपनियों में करीब आधी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं। उनके मुताबिक बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि विदेशी कंपनियां भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग स्थापित करने या भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने के अवसर तलाश रही हैं।

सरकारी आंकड़ों से भी आयोजन के बढ़ते पैमाने की पुष्टि होती है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संबंधित PIB की आधिकारिक जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रदर्शक थे, जिनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल थे। अकेले पहले दिन करीब 12,000 लोग पहुंचे थे और दूसरे दिन सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, सामग्री, लॉजिस्टिक्स, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग और कौशल विकास से जुड़े 25 प्रमुख समझौते एवं घोषणाएं हुईं।

इन समझौतों में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच चिप निर्माण से लेकर सामग्री और उपकरणों की आपूर्ति तक साझेदारियां शामिल रहीं। Tata Electronics ने भी अपने धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब और असम स्थित पैकेजिंग सुविधा से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सात रणनीतिक समझौते किए।

इस बार आयोजन ऐसे समय हुआ जब केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission 2.0 के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। कार्यक्रम शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया था कि इसमें 52 देशों के प्रतिनिधियों, 400 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों और 150 से अधिक वक्ताओं के शामिल होने की योजना थी।

भारत में चिप उत्पादन भी धीरे-धीरे व्यावसायिक चरण में प्रवेश कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के अनुसार देश में अब पांच सेमीकंडक्टर इकाइयां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। ISM 2.0 का अगला लक्ष्य केवल फैब या पैकेजिंग प्लांट स्थापित करना नहीं, बल्कि उपकरण, सामग्री, डिजाइन, अनुसंधान और प्रशिक्षित कार्यबल सहित पूरा घरेलू इकोसिस्टम तैयार करना है।

उद्योग संगठन SEMI के अध्यक्ष एवं CEO अजित मनोचा ने बताया कि SEMICON India का अगला संस्करण फिलहाल 1 से 3 मार्च 2028 के बीच आयोजित करने का प्रस्ताव है। आयोजक भविष्य में इसे India Mobile Congress जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग कार्यक्रमों के साथ समन्वित करने पर भी विचार करेंगे।

यह खबर शेयर करें

WhatsAppXFacebook