आइची-नागोया: भारत की 36 वर्षीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने रविवार सुबह एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। महिलाओं के Traditional MMA 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में सुचिका ने मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके साथ ही भारत का एशियन गेम्स के MMA इतिहास में पहला पदक सुनिश्चित हो गया है।
इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि Mixed Martial Arts को इसी संस्करण में पहली बार एशियन गेम्स में शामिल किया गया है। MMA में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले खिलाड़ी का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित होता है। इसलिए सुचिका अब पदक जीतेंगी यह तय है, हालांकि उसका रंग उनके अगले मुकाबले पर निर्भर करेगा।
सुचिका के सामने क्वार्टरफाइनल में आसान चुनौती नहीं थी। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार उनकी मंगोलियाई प्रतिद्वंद्वी अल्तानचिमेग बैगलमा 2025 IMMAF विश्व चैंपियन हैं। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबला 2-0 से अपने नाम किया।
सुचिका का सफर भी असाधारण रहा है। वह पहले जूडो और कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं तथा हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी कुराश प्रतियोगिता में उतरी थीं। उन्होंने 2017 में MMA में पदार्पण किया, फिर लंबे अंतराल के बाद 2024 में पेशेवर MMA में वापसी की।
एशियन गेम्स शुरू होने से पहले ही सुचिका को भारत की MMA पदक उम्मीदों में गिना जा रहा था। भारतीय दल में इस खेल के लिए उनके साथ पुरुषों के Traditional 77 किग्रा वर्ग में वरुण आर्यमान सान्याल भी शामिल हैं।
अब सुचिका सेमीफाइनल में सिंगापुर की Hui Hoon Teo और ईरान की Arezou Salimighalehtaki के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से भिड़ेंगी। जीतने पर वह फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए स्वर्ण या रजत पदक भी सुनिश्चित कर देंगी।

