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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ी प्रगति, जयशंकर बोले- बातचीत अंतिम चरण में

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि दोनों देश समझौते के करीब पहुंच चुके हैं।

झटपट समझें

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक चरण में है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 अक्टूबर को बताया कि दोनों देश समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं, हालांकि अंतिम सहमति अभी बाकी है।

मुख्य बातें

  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 अक्टूबर को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी।
  • भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता काफी आगे बढ़ चुकी है।
  • आयात शुल्क, बाजार तक पहुंच और प्रतिस्पर्धी व्यापार शर्तें प्रमुख मुद्दे हैं।
  • भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारी बाकी मुद्दों का समाधान निकाल रहे हैं।
  • 5 अक्टूबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अतिरिक्त रियायतें देना कठिन हो सकता है।
  • अमेरिका भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है।
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भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में आयात शुल्क और बाजार तक पहुंच महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि दोनों देश समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं और शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।

नई दिल्ली में 13 अक्टूबर को आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता काफी आगे बढ़ चुकी है। दोनों देशों के संबंधित मंत्री और अधिकारी बाकी मतभेद दूर करने पर काम कर रहे हैं। उनके बयान की विस्तृत रिपोर्ट 14 अक्टूबर की सुबह सामने आई।

टैरिफ और बाजार तक पहुंच पर जारी है बातचीत दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में आयात शुल्क, बाजार तक पहुंच और प्रतिस्पर्धी व्यापार शर्तें महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

जयशंकर ने बताया कि अमेरिका अपनी औद्योगिक क्षमता बढ़ाने और दूसरे देशों के साथ व्यापार की शर्तों में बदलाव करने की नीति पर काम कर रहा है। ऐसे में भारत को भी अमेरिकी बाजार में दूसरे देशों को मिलने वाली सुविधाओं और शर्तों को ध्यान में रखना होगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारी बाकी मुद्दों का समाधान निकालने में जुटे हैं। हालांकि, उन्होंने समझौते की संभावित शर्तों का खुलासा नहीं किया।

अभी नहीं हुआ अंतिम समझौता विदेश मंत्री के सकारात्मक बयान के बावजूद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अंतिम सहमति की घोषणा नहीं हुई है।

जयशंकर ने संकेत दिया कि बातचीत निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है, लेकिन कुछ मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है। उन्होंने समझौता पूरा होने की कोई निश्चित तारीख भी नहीं बताई।

इससे पहले 5 अक्टूबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि दोनों देशों की व्यापार वार्ता ऐसे चरण में पहुंच गई है, जहां अतिरिक्त रियायतें देना कठिन हो सकता है। जयशंकर का ताजा बयान इस पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय कारोबारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है समझौता?

अमेरिका भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल है। प्रस्तावित व्यापार समझौते की शर्तों का असर भारतीय निर्यातकों, विनिर्माण क्षेत्र और अमेरिकी बाजार में कारोबार करने वाली कंपनियों पर पड़ सकता है।

व्यापार समझौते से संबंधित शुल्क और बाजार पहुंच की शर्तें स्पष्ट होने पर कंपनियों को भविष्य की कारोबारी योजनाएं बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ समझौते की अंतिम शर्तों पर निर्भर करेगा।

विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत रणनीतिक साझेदारी बताते हुए संकेत दिया कि व्यापार संबंधी मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के बीच सहयोग का आधार कायम है।

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