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वायुसेना को मिला पहला स्वदेशी HTT-40 ट्रेनर विमान, HAL ने शुरू की 70 विमानों की डिलीवरी

HAL ने भारतीय वायुसेना को पहला HTT-40 ट्रेनर विमान सौंपा, 70 विमानों की आपूर्ति शुरू।

झटपट समझें

वायुसेना को मिला पहला स्वदेशी HTT-40 ट्रेनर विमान, HAL ने शुरू की 70 विमानों की डिलीवरी

मुख्य बातें

  • भारतीय वायुसेना को पहला HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान मिला।
  • HAL ने 70 HTT-40 विमानों की आपूर्ति शुरू की है।
  • यह विमान नए पायलटों के शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण के लिए है।
  • HTT-40 को HAL ने भारत में डिजाइन और विकसित किया है।
  • इस खरीद को मार्च 2023 में ₹6,828 करोड़ की लागत से मंजूरी मिली थी।
भारतीय वायु सेना के विमान और हेलीकॉप्टर एक हवाई अड्डे पर खड़े हैं, जिसमें भारतीय ध्वज लहरा रहा है।
भारतीय वायुसेना को HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान की डिलीवरी शुरू हुई।

भारत की स्वदेशी सैन्य विमान निर्माण क्षमता में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी। Hindustan Aeronautics Limited (HAL)⁠ ने भारतीय वायुसेना को स्वदेशी HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह विमान वायुसेना में शामिल होने वाले नए पायलटों की शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण जरूरतों के लिए विकसित किया गया है। सरकारी प्रसारक आकाशवाणी ने आज बेंगलुरु में पहले HTT-40 के हस्तांतरण की पुष्टि की है।

HTT-40 को HAL ने भारत में डिजाइन और विकसित किया है। विमान में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु के लिए tandem-seat व्यवस्था है और इसका इस्तेमाल शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण के साथ aerobatics, instrument flying, night flying, navigation और formation flying जैसी ट्रेनिंग में किया जा सकता है।

भारतीय वायुसेना ने 70 HTT-40 विमानों का ऑर्डर दिया है। इस खरीद को मार्च 2023 में लगभग ₹6,828 करोड़ की लागत से मंजूरी दी गई थी। HAL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि कुमार ने आज बताया कि सभी 70 विमानों की आपूर्ति अगले चार से पांच वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य है।

बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में HTT-40 के साथ भारतीय वायुसेना को दो LCA Tejas FOC twin-seater trainer विमान भी सौंपे जा रहे हैं। इन दोनों विमानों की डिलीवरी के साथ 2010 में दिए गए Tejas FOC ऑर्डर के twin-seater हिस्से की आपूर्ति पूरी हो रही है।

इसी कार्यक्रम में HAL चार Dhruv Next Generation नागरिक हेलीकॉप्टर Pawan Hans को सौंप रहा है। यह Dhruv के civil-certified संस्करण को व्यावसायिक नागरिक विमानन में उतारने की दिशा में भी अहम कदम है।

HTT-40 का शामिल होना खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय वायुसेना शुरुआती पायलट प्रशिक्षण में विदेशी मूल के विमानों पर भी निर्भर रही है। नए स्वदेशी प्लेटफॉर्म की नियमित आपूर्ति शुरू होने से भारत की घरेलू aerospace manufacturing क्षमता के साथ सैन्य प्रशिक्षण ढांचे में आत्मनिर्भरता बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।

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