नई दिल्ली: हवाई यात्रा की तैयारी कर रहे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। IndiGo ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के fuel charges में वृद्धि की घोषणा की है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 को रात 12:01 बजे से की जाने वाली नई बुकिंग पर लागू होंगी।
घरेलू उड़ानों में नया फ्यूल चार्ज दूरी के आधार पर तय किया गया है। 500 किलोमीटर तक ₹375, 501–1,000 किलोमीटर ₹600, 1,001–1,500 किलोमीटर ₹900, 1,501–2,000 किलोमीटर ₹1,150 और 2,000 किलोमीटर से अधिक की उड़ान पर ₹1,300 प्रति यात्री फ्यूल चार्ज लगेगा।
इस बदलाव का मतलब केवल नया शुल्क जोड़ना नहीं है, क्योंकि फ्यूल चार्ज पहले से मौजूद था। अप्रैल की दरों की तुलना में घरेलू यात्रियों पर अब दूरी के आधार पर ₹100 से ₹350 तक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उदाहरण के लिए, 2,000 किलोमीटर से अधिक की उड़ान का फ्यूल चार्ज ₹950 से बढ़कर ₹1,300 हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर असर और बड़ा हो सकता है। SAARC देशों की 500 किलोमीटर तक की उड़ानों पर ₹1,000 और उससे अधिक दूरी पर ₹3,000 फ्यूल चार्ज होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया, GCC/मध्य पूर्व तथा उत्तर और पूर्वी एशिया के लिए ₹5,500, अफ्रीका के लिए ₹6,000 और यूरोप की उड़ानों पर ₹10,000 प्रति यात्री शुल्क निर्धारित है।
एयरलाइन ने इस बढ़ोतरी के पीछे ATF की तेजी को प्रमुख कारण बताया है। अक्टूबर की शुरुआत में विमान ईंधन की कीमत करीब ₹121 प्रति लीटर से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गई—यानी एक महीने में लगभग 13–14% की वृद्धि। अगस्त और सितंबर में भी ATF महंगा हुआ था। दिल्ली में जुलाई के मुकाबले कीमत करीब 25% बढ़ चुकी है।
IndiGo का कहना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण हाल के महीनों में ईंधन बाजार काफी अस्थिर रहा है और ATF की लागत अब पिछले करीब एक दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। भारतीय एयरलाइंस के परिचालन खर्च में विमान ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40% तक हो सकती है।
कंपनी के अनुसार ईंधन की पूरी बढ़ी हुई लागत यात्रियों पर डालने के लिए इससे भी ज्यादा शुल्क बढ़ाना पड़ता। इसलिए उसने इसे अपेक्षाकृत सीमित समायोजन बताया है। एयरलाइन ने कहा है कि वह ईंधन और बाजार की परिस्थितियों की निगरानी जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी दरों में बदलाव किया जा सकता है।
यह बढ़ोतरी त्योहारी यात्रा सीजन से ठीक पहले आई है। इसलिए आने वाले दिनों में टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए केवल base fare के बजाय अंतिम payable fare की तुलना करना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

