राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन तो महज 30 सेकंड में रुक जाएगा। लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ज्ञानेश कुमार को हटा दें। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस दिल्ली के कारोबारियों की बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह बयान ऐसे वक्त में जब दिल्ली के कारोबारी आंदोलन को टालने की गुजारिश कर रहे हैं।
वोट चोरी के कारण नहीं सुरक्षित रहती दुकान
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब वोट ही चोरी हो जाए तो किसी की दुकान, बचत और बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मेट्रो तो खुद सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील कीं, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया।
आंदोलन तो 30 सेकंड में रुक जाएगा राहुल गांधी ने एक्स पर अपने पोस्ट में व्यापारियों से कहा कि मोदी जी से कहिए कि आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटा दें, विपक्ष का आंदोलन तो 30 सेकंड में रुक जाएगा। कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है।
कारोबारी संगठन सीटीआई ने लिखा था लेटर बता दें कि विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने का ऐलान किया है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों की ओर से इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं। बीते दिनों 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को लेटर लिखा था। पत्र में कहा गया था कि यह रैली ऐसे समय में आयोजित की जा रही है जब धनतेरस और दिवाली की खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है।
प्रभावित होगा कारोबार 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने अपने लेटर में कहा था कि इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है। दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। इन पर्वों के लिए अलग-अलग हिस्सों से भी लोग दिल्ली में खरीदारी करने पहुंचते हैं। इस बार भी ग्राहकों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि विपक्षी की रैली के कारण उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा।
विपक्ष की रैली कारोबारियों के लिए चिंता का सबब बृजेश गोयल ने कहा कि रामलीला मैदान के आसपास के थोक और खुदरा बाजारों में इन त्योहारों से करीब एक हफ्ते पहले गतिविधियां बढ़ जाती हैं। दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
प्रकाशित: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 | 5:36 PM IST

