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प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने में पशु-चारे वाला चोकर इस्तेमाल करने का खुलासा, FSSAI ने तीन खाद्य कंपनियों के खिलाफ शुरू की कानूनी कार्रवाई

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में तीन प्रमुख खाद्य कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

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नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में तीन प्रमुख खाद्य कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

मुख्य बातें

  • नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में तीन प्रमुख खाद्य कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
  • इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड, दोदला डेयरी लिमिटेड और यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
  • नियामक के अनुसार, निरीक्षण में बिस्कुट निर्माण के लिए पशुओं के चारे में इस्तेमाल होने वाले चोकर का उपयोग, दूध के नमूने में हानिकारक पदार्थों की मौजूदगी और किशमिश में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक…
प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने में पशु-चारे वाला चोकर इस्तेमाल करने का खुलासा, FSSAI ने तीन खाद्य कंपनियों के खिलाफ शुरू की कानूनी कार्रवाई
प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने में पशु-चारे वाला चोकर इस्तेमाल करने का खुलासा, FSSAI ने तीन खाद्य कंपनियों के खिलाफ शुरू की कानूनी कार्रवाई

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में तीन प्रमुख खाद्य कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड, दोदला डेयरी लिमिटेड और यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

नियामक के अनुसार, निरीक्षण में बिस्कुट निर्माण के लिए पशुओं के चारे में इस्तेमाल होने वाले चोकर का उपयोग, दूध के नमूने में हानिकारक पदार्थों की मौजूदगी और किशमिश में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष मिलने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

प्रियागोल्ड के निर्माण संयंत्र में मिलीं कई खामियां

एफएसएसएआई ने उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के निर्माण संयंत्र का निरीक्षण किया था।

जांच में अधिकारियों ने पाया कि पशु आहार के लिए निर्धारित चोकर को बिस्कुट निर्माण में फाइबर के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। चोकर की बोरियों पर भी पशु आहार के लिए होने का संकेत मौजूद था।

इसके अतिरिक्त संयंत्र में साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और कर्मचारियों की स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां मिलीं।

नियामक ने पहले ही संबंधित कंपनी का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस निलंबित कर दिया था। अब अभियोजन की कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी गई है।

दोदला डेयरी के दूध में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा मिलने की पुष्टि

दोदला डेयरी के फुल क्रीम दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया था। शुरुआती परीक्षण में दूध में वसा की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई।

कंपनी की अपील के बाद नमूना रेफरल खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। दोबारा जांच में दूध में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा की मौजूदगी और वसा की मात्रा कम होने की पुष्टि हुई।

इस आधार पर नमूने को असुरक्षित और मानक से निम्न गुणवत्ता वाला घोषित किया गया। संबंधित कंपनी और अन्य जिम्मेदार खाद्य कारोबार संचालकों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी गई है।

ऑर्गेनिक किशमिश में कीटनाशकों की मात्रा अधिक मिली

यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स की पीली किशमिश के नमूने में भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया।

प्रयोगशाला की जांच में थायमेथोक्साम और फ्लुओपाइरम से संबंधित कीटनाशक अवशेष निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए। रेफरल प्रयोगशाला ने भी संबंधित अनियमितताओं की पुष्टि की।

एफएसएसएआई ने कंपनी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

अन्य तीन कंपनियों को भी नोटिस

नियामक ने नरपधाम फूड्स, सन रिजेज हेल्थ केयरर्स और शाह कांतिलाल जयंतीलाल को भी स्वच्छता, लाइसेंस और नियमों के अनुपालन से जुड़ी खामियों पर नोटिस जारी किए हैं।

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले खाद्य व्यवसायों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि कानूनी कार्रवाई शुरू होने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। सामने आए निष्कर्ष संबंधित निरीक्षणों और नमूनों पर आधारित हैं। इनसे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कंपनियों के सभी उत्पाद या बाजार में मौजूद सभी बैच असुरक्षित हैं।

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