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दिल्ली में 12 लाख नए घर बनाने की तैयारी: DDA ने तेज की लैंड पूलिंग योजना, 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में होगा शहरी विस्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और नए शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने लैंड पूलिंग नीति को लागू करने की दिशा में गतिविधियां तेज कर दी…

झटपट समझें

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और नए शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने लैंड पूलिंग नीति को लागू करने की दिशा में गतिविधियां तेज कर दी हैं।

मुख्य बातें

  • नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और नए शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने लैंड पूलिंग नीति को लागू करने की दिशा में गतिविधियां तेज कर दी…
  • योजना के तहत लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 12 लाख नए आवास बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
  • इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए डीडीए ने एक महीने का जनसंपर्क अभियान शुरू किया है।
दिल्ली में 12 लाख नए घर बनाने की तैयारी: DDA ने तेज की लैंड पूलिंग योजना, 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में होगा शहरी विस्तार
दिल्ली में 12 लाख नए घर बनाने की तैयारी: DDA ने तेज की लैंड पूलिंग योजना, 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में होगा शहरी विस्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और नए शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने लैंड पूलिंग नीति को लागू करने की दिशा में गतिविधियां तेज कर दी हैं। योजना के तहत लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 12 लाख नए आवास बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए डीडीए ने एक महीने का जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। अधिकारी दिल्ली के विभिन्न गांवों में जाकर किसानों और जमीन मालिकों को योजना की जानकारी दे रहे हैं।

गांव-गांव पहुंचकर किसानों से बातचीत

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान के तहत डीडीए की टीमें जमीन मालिकों से सीधे संवाद कर रही हैं।

अब तक बक्करवाला, तिगीपुर और सुल्तानपुर डबास में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन बैठकों में भूमि मालिकों को जमीन के नियोजित विकास, भागीदारी की प्रक्रिया और भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई।

आने वाले दिनों में छावला, सरनपुर, नेब सराय, खेड़ा कलां और मुखमेलपुर में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे।

600 किलोमीटर से ज्यादा नई सड़कों की योजना

डीडीए की लैंड पूलिंग नीति केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत नए इलाकों में सड़कें, स्कूल, अस्पताल, पार्क, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

प्राधिकरण के अनुसार, इन क्षेत्रों में 600 किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त सड़क नेटवर्क तैयार करने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के आसपास आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इससे भविष्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

क्या है लैंड पूलिंग नीति?

लैंड पूलिंग एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें जमीन मालिक स्वेच्छा से अपनी भूमि को एक साझा विकास योजना में शामिल कर सकते हैं।

इससे अलग-अलग छोटे भूखंडों को जोड़कर सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के साथ व्यवस्थित शहरी क्षेत्र विकसित करना संभव होता है।

योजना के तहत जमीन मालिकों, निजी क्षेत्र और डीडीए की भागीदारी से विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।

डीडीए के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य राजधानी में आवास और बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करना है।

इन इलाकों में शुरू हो सकती है विकास प्रक्रिया

डीडीए ने गढ़ी खुसरो और इब्राहिमपुर गांवों से संबंधित सेक्टर 8बी को शुरुआती क्रियान्वयन वाले क्षेत्रों में शामिल किया है।

इसके अतिरिक्त बवाना, बुराड़ी, नजफगढ़, बापरौला, घेवरा और झड़ौदा माजरा जैसे इलाके भी लैंड पूलिंग नीति के दायरे में आते हैं।

प्राधिकरण का कहना है कि नए विकास क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आवासीय निर्माण के साथ जरूरी नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें।

क्या जल्द मिलने लगेंगे नए घर?

12 लाख आवासों का आंकड़ा योजना की संभावित क्षमता को दर्शाता है, तैयार या बिक्री के लिए उपलब्ध मकानों की संख्या को नहीं।

परियोजना का वास्तविक क्रियान्वयन जमीन मालिकों की भागीदारी, आवश्यक मंजूरियों, बुनियादी ढांचे के विकास और निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगा।

इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी प्रस्तावित मकान कब तक बनकर तैयार होंगे। डीडीए की आधिकारिक लैंड पूलिंग वेबसाइट पर इच्छुक जमीन मालिकों के लिए भागीदारी संबंधी जानकारी उपलब्ध है। पोर्टल के अनुसार, भागीदारी की इच्छा दर्ज कराने की अवधि 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

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