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महाराष्ट्र में MPSC पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित, अध्यक्ष छुट्टी पर; छात्रों ने 10 दिन बाद खत्म किया आंदोलन

पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त हो गया है।

झटपट समझें

पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

  • पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त हो गया है।
  • राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
  • इसके बाद सोमवार तड़के छात्रों ने करीब 10 दिनों से जारी अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया।
महाराष्ट्र में MPSC पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित, अध्यक्ष छुट्टी पर; छात्रों ने 10 दिन बाद खत्म किया आंदोलन
महाराष्ट्र में MPSC पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित, अध्यक्ष छुट्टी पर; छात्रों ने 10 दिन बाद खत्म किया आंदोलन

पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद सोमवार तड़के छात्रों ने करीब 10 दिनों से जारी अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया।

MPSC अध्यक्ष जांच पूरी होने तक छुट्टी पर

आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाना शामिल था। सरकार के साथ बातचीत के बाद भीमनवार ने घोषणा की कि वह जांच पूरी होने तक छुट्टी पर रहेंगे।

भीमनवार ने अपने बयान में कहा कि आयोग की स्वायत्तता, विश्वसनीयता और विद्यार्थियों के हित उनकी प्राथमिकता रहे हैं। हालांकि, उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया है।

तुकाराम मुंढे को जांच समिति में अहम जिम्मेदारी

महाराष्ट्र सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे, जबकि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को समिति का सचिव नियुक्त किया गया है।

समिति MPSC की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया की अनियमितताओं और आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित शिकायतों की जांच करेगी। समिति को लगभग 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया है।

सरकार ने आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भी आश्वासन दिया है।

70 हजार पदों पर भर्ती का आश्वासन

छात्रों के साथ बातचीत के दौरान सरकार ने अगले तीन वर्षों में 70 हजार रिक्त पदों पर भर्ती करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अतिरिक्त 2027 की समूह-सी भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की बात भी कही गई है।

पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

सरकार की घोषणाओं के बाद आंदोलन समाप्त होने से प्रशासन को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, पेपर लीक के आरोप अभी जांच का विषय हैं और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है।

अब अभ्यर्थियों की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और सरकार की ओर से किए गए भर्ती संबंधी वादों के क्रियान्वयन पर रहेगी।

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