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छगन भुजबल को कलिना लाइब्रेरी केस में मिली बड़ी राहत, विशेष अदालत ने किया आरोपमुक्त

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ अब कोई ACB भ्रष्टाचार केस लंबित नहीं है।

झटपट समझें

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल को मुंबई की विशेष MP/MLA अदालत ने मुंबई यूनिवर्सिटी के कलिना कैंपस में प्रस्तावित सेंट्रल लाइब्रेरी से जुड़े एक दशक पुराने भ्रष्टाचार मामले में आरोपमुक्त कर दिया है। इस आदेश के बाद भुजबल के खिलाफ महाराष्ट्र Anti-Corruption Bureau (ACB) द्वारा दर्ज कोई भी भ्रष्टाचार का मामला अब विशेष अदालत में लंबित नहीं है।

मुख्य बातें

  • छगन भुजबल को कलिना लाइब्रेरी भ्रष्टाचार मामले में आरोपमुक्त किया गया।
  • यह मामला 2015 में ACB द्वारा दर्ज किया गया था।
  • ACB ने ₹75 करोड़ से अधिक के नुकसान का आरोप लगाया था।
  • विशेष अदालत ने भुजबल और पांच पूर्व PWD अधिकारियों को डिस्चार्ज किया।
  • यह भुजबल के खिलाफ ACB का अंतिम लंबित भ्रष्टाचार मामला था।
  • अदालत का विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
एक अदालत में फाइलों, हथौड़े और तराजू के साथ एक व्यक्ति बैठा है।
महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल को कलिना लाइब्रेरी भ्रष्टाचार मामले में आरोपमुक्त किया गया।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और NCP नेता Chhagan Bhujbal को मुंबई की विशेष MP/MLA अदालत ने मुंबई यूनिवर्सिटी के कलिना कैंपस में प्रस्तावित सेंट्रल लाइब्रेरी से जुड़े करीब एक दशक पुराने भ्रष्टाचार मामले में डिस्चार्ज कर दिया है। इस आदेश के साथ भुजबल के खिलाफ महाराष्ट्र Anti-Corruption Bureau (ACB) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामलों में अब कोई केस विशेष अदालत में लंबित नहीं रह गया है।

मामला 2015 में ACB द्वारा दर्ज किया गया था। उस समय भुजबल महाराष्ट्र के Public Works Department के मंत्री रह चुके थे। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि मुंबई यूनिवर्सिटी के कलिना परिसर की करीब चार एकड़ जमीन पर सेंट्रल लाइब्रेरी परियोजना से जुड़े फैसलों में अनियमितताएं हुईं और इससे राज्य सरकार को ₹75 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।

ACB का आरोप था कि जमीन के एक हिस्से पर लाइब्रेरी बनाने के लिए 2009 में टेंडर निकाला गया, जबकि बाकी जमीन एक निजी डेवलपर को 99 साल के लिए बेहद कम दर पर लीज पर दी गई। एजेंसी ने भुजबल और अन्य अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग तथा कथित kickback के आरोप लगाए थे। आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया था।

गुरुवार को विशेष अदालत ने भुजबल के साथ मामले में आरोपी पांच पूर्व PWD अधिकारियों को भी डिस्चार्ज कर दिया। कई स्वतंत्र रिपोर्टों ने अदालत के आदेश की पुष्टि की है।

हालांकि अदालत का विस्तृत reasoned order खबर लिखे जाने तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं था। इसलिए अदालत ने किन सभी कानूनी आधारों पर आरोपियों को डिस्चार्ज किया, इसकी पूरी तस्वीर विस्तृत आदेश सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

भुजबल को इससे पहले महाराष्ट्र सदन और नवी मुंबई housing project से संबंधित भ्रष्टाचार मामलों में भी राहत मिल चुकी थी। Indian Express के अनुसार गुरुवार का आदेश उनके खिलाफ ACB द्वारा दर्ज मामलों में बचा हुआ अंतिम लंबित मामला था।

यहां कानूनी रूप से “डिस्चार्ज” और मुकदमे के बाद “बरी” होने में अंतर भी महत्वपूर्ण है। इस मामले में विशेष अदालत ने आरोपियों को discharge किया है; इसलिए रिपोर्ट में इसे अदालत द्वारा आरोपों से मुक्त किए जाने के रूप में लिखना अधिक सटीक है।

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