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चावड़ी बाजार इमारत ढहने से 3 की मौत, 48 घंटे बाद मिला एक और शव

दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हुई।

बचावकर्मी एक ढही हुई इमारत के मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद बचाव अभियान जारी है।
मुख्य बातें

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में एक निर्माणाधीन इमारत ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है, जिसमें 40 वर्षीय पंकज शर्मा का शव 48 घंटे बाद मलबे से बरामद किया गया। यह दुर्घटना 5 नवंबर को हुई थी, और अब तक 3 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2 घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है।

  • दिल्ली के चावड़ी बाजार में इमारत ढहने से 3 मजदूरों की मौत हो गई है।
  • 48 घंटे बाद मलबे से 40 वर्षीय पंकज शर्मा का शव मिला।
  • हादसे में 2 मजदूर घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर है।
  • इमारत का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के हो रहा था।
  • पुलिस ने 3 ठेकेदारों को गिरफ्तार किया और 2 इंजीनियर निलंबित हुए।
  • नगर निगम को पहले भी अवैध निर्माण की चेतावनी दी गई थी।

नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026। पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। शनिवार सुबह बचावकर्मियों ने मलबे से एक और मजदूर का शव बरामद किया। मृतक की पहचान 40 वर्षीय पंकज शर्मा के रूप में हुई है, जो बिहार के खगड़िया जिले के हनुमान नगर गांव के रहने वाले थे।

गुरुवार, 5 नवंबर को हुई इस दुर्घटना के बाद से राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। लगभग 48 घंटे की कार्रवाई के बाद भी बचाव दल मलबा हटाने और अन्य संभावित फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि

दिल्ली पुलिस और बचाव अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से अब तक पांच लोगों को घायल या मृत अवस्था में निकाला गया है। इनमें तीन की मौत हो चुकी है और दो घायल मजदूरों का उपचार किया गया है।

पहले मृत पाए गए मजदूरों की पहचान किशोरी (40) और संजीत (45) के रूप में हुई थी। घायल मजदूरों के नाम सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।

शनिवार को पंकज शर्मा का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या दो से बढ़कर तीन हो गई। बचावकर्मी आसपास की इमारतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी से मलबा हटा रहे हैं।

5 नवंबर को सुबह करीब 9:45 बजे ढही थी इमारत

यह हादसा पुरानी दिल्ली के हौज काजी थाना क्षेत्र में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में हुआ था। गुरुवार सुबह लगभग 9:45 बजे निर्माणाधीन इमारत अचानक गिर गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के समय वहां करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे। इमारत गिरने के बाद पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली नगर निगम (MCD) की टीमों ने संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया।

पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों के कारण भारी मशीनरी को घटनास्थल तक पहुंचाने में मुश्किलें आईं। इससे बचावकर्मियों को मलबा हटाने के लिए बड़े पैमाने पर हाथों से काम करना पड़ा।

बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण करने का आरोप

इस दुर्घटना के बाद इमारत के निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, लगभग 50 वर्गमीटर के भूखंड पर बनाई जा रही इमारत का स्वीकृत भवन नक्शा उपलब्ध नहीं था। शुरुआती जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और पर्याप्त मजबूती हासिल करने से पहले काम आगे बढ़ाने को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में जीवित बचे एक मजदूर ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री और ढांचे की मजबूती से संबंधित चेतावनियों की अनदेखी की गई थी। इन आरोपों की जांच जारी है।

तीन ठेकेदार गिरफ्तार, नगर निगम के दो इंजीनियर निलंबित

दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन ठेकेदारों—सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान—को हरियाणा के फरीदाबाद जिले से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने भवन मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 समेत संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 हत्या की श्रेणी में न आने वाले आपराधिक मानव वध से संबंधित है।

इसके अतिरिक्त दिल्ली नगर निगम ने संबंधित कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता को निलंबित किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दुर्घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पहले भी दी गई थी अवैध निर्माण की चेतावनी

इस मामले में प्रशासनिक जवाबदेही का एक और पहलू सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, हौज काजी थाने की पुलिस ने 15 जून 2026 को नगर निगम को इस संपत्ति पर निर्माण गतिविधियों के संबंध में पत्र भेजा था।

नगर निगम की शुरुआती जांच में भी संपत्ति पर मरम्मत की आड़ में अतिरिक्त निर्माण किए जाने का आरोप सामने आया है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि संबंधित अधिकारियों ने पहले मिली सूचना पर क्या कार्रवाई की थी और दुर्घटना को किस स्तर पर रोका जा सकता था।

यह हादसा राजधानी में अनधिकृत निर्माण, निर्माणाधीन इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा और नियामकीय निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। बचाव अभियान और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष आने बाकी हैं।

प्रकाशित: शनिवार, 7 नवंबर 2026 | 3:24 PM IST

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