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लखनऊ में फॉर्मलिन टैंकर पलटा, 50 से अधिक हॉस्टलों और गांवों में असर

किसान पथ पर हुए हादसे से केमिकल रिसाव, राहत अभियान जारी, सीएम योगी ने दिए निर्देश।

रात में सड़क पर खड़े पुलिस अधिकारी और नागरिक।
लखनऊ में फॉर्मलिन टैंकर पलटने से हुए केमिकल रिसाव के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है।
मुख्य बातें

लखनऊ में फॉर्मलिन से भरा टैंकर पलटने से आसपास के 10 से अधिक गांवों और 50 से ज्यादा हॉस्टलों में तेज गंध और धुएं जैसे असर के कारण लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी हुई। प्रशासन ने प्रभावित सड़क पर यातायात रोककर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

  • लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में फॉर्मलिन से भरा टैंकर पलटा।
  • हादसे के बाद 10 से अधिक गांवों और 50 से ज्यादा हॉस्टलों में असर महसूस किया गया।
  • लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई।
  • पुलिस जांच के अनुसार, टायर फटने से टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा।
  • पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में किसान पथ पर फॉर्मलिन रसायन से भरा एक टैंकर पलटने से आसपास के इलाकों में अफरातफरी मच गई। सोमवार, 26 अक्टूबर की शाम हुई दुर्घटना के बाद टैंकर से रसायन का रिसाव शुरू हो गया। तेज गंध और धुएं जैसे असर के कारण स्थानीय लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई।

मंगलवार सुबह सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, हादसे का असर आसपास के 10 से अधिक गांवों और 50 से ज्यादा छात्रावासों तक महसूस किया गया। प्रशासन ने प्रभावित सड़क पर यातायात रोककर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

टायर फटने से अनियंत्रित हुआ टैंकर प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, दुर्घटना सोमवार रात करीब आठ बजे मामपुर-बाना अंडरपास के पास हुई।

टैंकर हरदोई जिले के संडीला से फॉर्मलिन लेकर लखनऊ के गुडंबा स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री जा रहा था। रास्ते में टायर फटने से चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और टैंकर सड़क पर पलट गया।

इसके बाद रसायन सड़क पर फैलने लगा। तेज गंध आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई। कई लोगों ने आंखों और गले में जलन महसूस होने की शिकायत की।

हॉस्टलों के छात्र कमरों में रहने को मजबूर हादसे से सबसे अधिक परेशानी आसपास स्थित शिक्षण संस्थानों के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को हुई।

एबीपी न्यूज की मंगलवार सुबह 9:53 बजे प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 50 से अधिक हॉस्टलों के आसपास रसायन का असर महसूस किया गया।

कुछ छात्रों ने बताया कि वे शाम को बाहर टहल रहे थे, तभी अचानक तेज गंध के साथ आंखों में जलन और खांसी शुरू हो गई। परेशानी बढ़ने पर वे अपने कमरों में लौट गए।

स्थानीय रिपोर्टों में प्रभावित आबादी के अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं। हालांकि, रसायन के सीधे संपर्क में आए लोगों और चिकित्सकीय रूप से प्रभावित मरीजों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस, NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रतिक्रिया बलों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।

पुलिस ने टैंकर के आसपास बैरिकेडिंग कर वाहनों का रास्ता बदला। विशेषज्ञों को सड़क पर फैले रसायन को निष्क्रिय करने के लिए बुलाया गया।

उत्तरी क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त अमित कुमार आनंद ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों के साथ मेडिकल स्टाफ भी मौके पर मौजूद रहा।

अधिकारियों ने मंगलवार तड़के स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी दी थी। हालांकि, रसायन को पूरी तरह हटाने और प्रभावित मार्ग पर सामान्य यातायात बहाल होने की ताजा आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्रा ने बताया कि विशेषज्ञ टीमों की सहायता से आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। प्रशासन ने गंभीर आपात स्थिति नहीं होने की बात कही, लेकिन एहतियात के तौर पर चिकित्सा और बचाव व्यवस्था बनाए रखी गई।

फॉर्मलिन के संपर्क में आने से क्या खतरा? फॉर्मलिन, फॉर्मेल्डिहाइड युक्त एक रासायनिक घोल है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।

इसके संपर्क में आने से आंखों, नाक, गले और त्वचा में जलन हो सकती है। अधिक संपर्क से सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को रसायन से दूरी बनाए रखने और आंखों या त्वचा में जलन होने पर साफ पानी से धोने की सलाह दी है। गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षणों पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता रसायन के अवशेषों को सुरक्षित तरीके से हटाना और आसपास के लोगों को दोबारा संपर्क में आने से बचाना है।

प्रकाशित: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 | 3:11 PM IST

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