नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने पश्चिमी और पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क बढ़ाने के लिए भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। नई ट्रेन गुजरात के भुज से बिहार के बरौनी तक चलेगी और रास्ते में राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को भी जोड़ेगी। रेलवे मंत्रालय की ओर से 25 सितंबर को जारी जानकारी के मुताबिक यह सेवा सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी।
नई ट्रेन को 19427/19428 नंबर दिया गया है और इसका निर्धारित रूट करीब 2,532 किलोमीटर लंबा होगा। ट्रेन नंबर 19427 भुज से सोमवार, बुधवार और शनिवार को शाम 5:30 बजे रवाना होगी। वापसी में 19428 बरौनी से मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को रात 11:55 बजे चलेगी।
रेलवे द्वारा जारी रूट में समाखियाली, अहमदाबाद, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, मथुरा, हाथरस, बरेली, इज्जतनगर, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा और गोरखपुर जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। बिहार में ट्रेन सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर होते हुए बरौनी पहुंचेगी।
इस सेवा का खास फायदा गुजरात और राजस्थान में रहने वाले उन यात्रियों को हो सकता है जिन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार जाने के लिए लंबी दूरी की सीधी ट्रेन की जरूरत होती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, गोंडा, लखीमपुर, पीलीभीत और बरेली जैसे क्षेत्रों को पश्चिम भारत की ओर एक अतिरिक्त लंबी दूरी की सेवा मिलेगी।
अमृत भारत ट्रेनों को मुख्य रूप से किफायती लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार किया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार इस ट्रेन में 11 जनरल कोच, आठ स्लीपर कोच, एक पैंट्री कार और दो लगेज-कम-दिव्यांगजन कोच होंगे। इनमें sealed gangways, fire-detection system, semi-automatic couplers और passenger communication के लिए talk-back unit जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।
रेलवे ने इसी घोषणा के साथ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस (11901/11902) को मथुरा तक बढ़ाने की भी मंजूरी दी है। विस्तारित हिस्से में राजा की मंडी, रुनकता, दीन दयाल धाम और बाद स्टेशन पर commercial stoppages होंगे। इससे झांसी, आगरा और मथुरा के बीच यात्रियों को एक अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा।
यात्रियों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि रेलवे मंत्रालय ने फिलहाल नई सेवा को मंजूरी देने की घोषणा की है। टिकट बुक करने से पहले संचालन शुरू होने की तारीख और संबंधित रेलवे जोन की अंतिम अधिसूचना की जांच करना उचित होगा।

