सच्ची खबरें • मज़बूत भारत

बंगाल कोयला खदान में फंसे 14 मजदूर सुरक्षित बाहर, रातभर चला बचाव अभियान

पश्चिम बर्धमान की खदान में लिफ्टिंग सिस्टम खराब होने से फंसे थे मजदूर, सभी सुरक्षित.

खदान में लिफ्ट से ऊपर आते खनिकों को देखते हुए अन्य खनिक।
पश्चिम बर्धमान की कोयला खदान में लिफ्टिंग सिस्टम की खराबी के बाद बचाव कार्य जारी रहा.
मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले की एक भूमिगत कोयला खदान में फंसे सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है क्योंकि सोमवार को लिफ्टिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के बाद वे जमीन से करीब 50 मीटर नीचे फंस गए थे.

  • पश्चिम बर्धमान की कोयला खदान में 14 मजदूर 50 मीटर नीचे फंसे थे.
  • लिफ्टिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण हादसा हुआ.
  • ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने बचाव अभियान चलाया.
  • बचाव अभियान रातभर चला और मंगलवार सुबह सभी सुरक्षित निकाले गए.
  • मजदूरों से वॉकी-टॉकी से संपर्क रखा गया और उन्हें भोजन-पानी मिला.
  • घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है.

पश्चिम बर्धमान, 27 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले की एक भूमिगत कोयला खदान में फंसे सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सोमवार को लिफ्टिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के बाद मजदूर जमीन से करीब 50 मीटर नीचे फंस गए थे। रातभर चले बचाव अभियान के बाद मंगलवार सुबह सभी को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।

ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सतीश झा ने पुष्टि की कि सभी 14 मजदूरों को बचा लिया गया है और इस घटना में किसी की जान नहीं गई है।

लिफ्ट की रस्सी फिसलने से हुआ हादसा यह घटना सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी ECL की कुमारडीही-ए भूमिगत कोयला खदान में हुई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मजदूरों को खदान के भीतर लाने और ले जाने वाली व्यवस्था के पुली ड्रम से रस्सी फिसल गई थी। इसके चलते लिफ्टिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया और 14 मजदूर दो अलग-अलग लिफ्टिंग केज में फंस गए।

तकनीकी खराबी सामने आते ही खदान प्रबंधन ने बचाव अभियान शुरू किया।

वॉकी-टॉकी से बनाए रखा संपर्क बचाव अभियान के दौरान अधिकारियों ने खदान में फंसे मजदूरों से वॉकी-टॉकी के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्हें पानी और सूखा भोजन भी उपलब्ध कराया गया।

तकनीकी विशेषज्ञों और बचावकर्मियों ने पूरी रात काम किया। आखिरकार मंगलवार सुबह सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बाहर निकाले जाने के बाद मजदूरों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सभी सुरक्षित हैं और किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली है।

तकनीकी खराबी की जांच शुरू खदान प्रबंधन ने लिफ्टिंग सिस्टम में आई खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की है।

इंडियन एक्सप्रेस की बांग्ला रिपोर्ट के अनुसार, घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। वहीं, श्रमिक संगठनों ने खदानों में सुरक्षा उपकरणों के नियमित रखरखाव और निरीक्षण को अधिक प्रभावी बनाने की मांग उठाई है।

सभी मजदूरों की सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों और खदान प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, तकनीकी खराबी का सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रकाशित: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 | 3:08 PM IST

यह खबर शेयर करें

WhatsAppFacebookXTelegram