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भारतीय नौसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों से 20 ईरानी नाविकों को बचाया

48 घंटे से अधिक चले बचाव अभियान में वायुसेना के C-17 विमान से कमांडो उतारे गए।

एक मछली पकड़ने वाली नाव, एक युद्धपोत और एक सैन्य विमान पानी पर और रेगिस्तानी पहाड़ों के ऊपर उड़ रहे हैं।
भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों से 'अज़िनी' नाव को मुक्त कराया।
मुख्य बातें

भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाली नाव 'अज़िनी' और उसके 20 ईरानी नाविकों को सुरक्षित छुड़ाया है। यह अभियान मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में चलाया गया, जिसमें भारतीय वायुसेना का भी सहयोग रहा।

  • भारतीय नौसेना ने 20 ईरानी नाविकों को समुद्री लुटेरों से बचाया।
  • यह बचाव अभियान 48 घंटे से अधिक समय तक चला।
  • भारतीय वायुसेना के C-17 विमान ने कमांडो को एयरड्रॉप किया।
  • बचाए गए सभी नाविक सुरक्षित हैं और कोई हताहत नहीं हुआ।
  • ईरानी दूतावास ने भारत सरकार और सशस्त्र बलों का आभार व्यक्त किया।
  • यह अभियान मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में हुआ।

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026। भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसी मछली पकड़ने वाली नाव 'अज़िनी' (Azini) और उसके चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित छुड़ा लिया है। भारतीय नौसेना और वायुसेना के संयुक्त सहयोग से 48 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में किसी नाविक के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार सुबह 8:45 बजे जारी आधिकारिक बयान में इस सफल अभियान की पुष्टि की। बचाए गए सभी 20 नाविक ईरानी नागरिक हैं। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए भारत सरकार और दोनों सशस्त्र बलों का आभार व्यक्त किया है।

सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों ने किया था अपहरण

नौसेना के अनुसार, अज़िनी नाम की मछली पकड़ने वाली नाव को पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया था।

अधिकारियों को आशंका थी कि लुटेरे इस जहाज को मदर शिप के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका मतलब है कि अपहृत नाव को आधार बनाकर आसपास से गुजरने वाले दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमले किए जा सकते थे।

इस संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना ने क्षेत्र में तैनात अपने युद्धपोत को कार्रवाई के लिए भेजा और समुद्री निगरानी विमान की सहायता ली।

3,000 किलोमीटर दूर चलाया गया अभियान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, यह अभियान मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में संचालित किया गया।

नौसेना के युद्धपोत और समुद्री निगरानी विमान ने लगातार निगरानी करके अपहृत नाव का पता लगाया। उसके बाद जहाज की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसे भागने से रोकने के लिए नियंत्रित उपाय अपनाए गए।

अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना के C-17 परिवहन विमान ने मरीन कमांडो को निर्धारित स्थान पर एयरड्रॉप के जरिए पहुंचाने में सहायता की। इसके बाद नौसेना ने कार्रवाई करते हुए नाव को लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराया।

सभी नाविक सुरक्षित, ईरान ने भारत को दिया धन्यवाद

भारतीय नौसेना ने पुष्टि की कि अभियान में चालक दल के सभी 20 सदस्य सुरक्षित बचाए गए। किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।

नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने मंगलवार को भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अभियान को दोनों देशों की मित्रता और मानवीय सहयोग का उदाहरण बताया।

दूतावास ने भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय तथा नाविकों की सुरक्षित रिहाई के प्रयासों की सराहना की।

समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई

सोमालिया के आसपास का समुद्री क्षेत्र लंबे समय से समुद्री डकैती के खतरे के कारण संवेदनशील रहा है। यह मार्ग अरब सागर, अदन की खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा है।

भारतीय नौसेना वर्ष 2008 से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोकने के लिए गश्त करती रही है। ताजा अभियान से क्षेत्र में तैनात भारतीय युद्धपोतों की क्षमता और दूर समुद्र में संकटग्रस्त नाविकों की सहायता करने की तैयारी सामने आई है।

प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 2:32 PM IST

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