कोलकाता, 6 नवंबर 2026। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में छात्रों और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद फिलहाल सुलझता नहीं दिख रहा है। संस्थान ने फिल्म और इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल मीडिया (EDM) विभागों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर लगी रोक 11 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। पहले यह रोक 13 नवंबर तक लागू रहने वाली थी।
संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) को बताया कि दोनों विभागों के डीन से विचार-विमर्श के बाद प्रतिबंध बढ़ाने का फैसला लिया गया। छात्र संगठन ने इस निर्णय का विरोध करते हुए सामान्य पढ़ाई और छात्रावास सुविधाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की है।
सितंबर से जारी है छात्र आंदोलन
संस्थान में विवाद की शुरुआत 27 सितंबर को हुई थी। परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के कार्यक्रम के दौरान छात्रों और संगठन से जुड़े लोगों के बीच झड़प हुई थी।
छात्रों ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। दूसरी ओर, कार्यक्रम के आयोजकों ने भी कुछ छात्रों पर दुर्व्यवहार और कार्यक्रम बाधित करने के आरोप लगाए थे।
इसके बाद 4 अक्टूबर को एक अन्य कार्यक्रम के दौरान कथित टकराव से तनाव और बढ़ गया। छात्र संगठन ने सुरक्षा व्यवस्था, परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए प्रदर्शन जारी रखा।
पहले 13 नवंबर तक बंद रखने का था आदेश
16 अक्टूबर को संस्थान ने फिल्म और EDM विभागों की नियमित कक्षाएं 13 नवंबर तक स्थगित रखने का आदेश जारी किया था। इसके साथ छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 24 घंटे के भीतर परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
अब 5 नवंबर को प्रशासन ने पुरानी व्यवस्था की अवधि बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी है। छात्रावास, मेस और परिसर के उपयोग से संबंधित पहले के प्रतिबंध भी जारी रखे गए हैं।
हालांकि, 11 दिसंबर को पढ़ाई स्वतः शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की व्यवस्था संस्थान के अगले निर्णय पर निर्भर करेगी।
शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई पर भी विवाद
कक्षाओं के निलंबन के अलावा कुछ शिक्षकों और संसाधन विशेषज्ञों की सेवाओं को लेकर भी विवाद सामने आया है।
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि दो संविदा शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं और पांच रिसोर्स पर्सन को भी काम से हटा दिया गया है।
छात्र संगठन के अनुसार, एक अन्य शिक्षक को फिल्मकार और सिनेमैटोग्राफर रंजन पालित को परिसर में कार्यशाला आयोजित करने के लिए प्रवेश दिलाने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी दो संविदा शिक्षकों के अनुबंध समाप्त होने की जानकारी दी है। हालांकि, रिसोर्स पर्सन के संबंध में संस्थान से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि नियमित शैक्षणिक काम बंद होने पर आवश्यकता आधारित सेवाएं रोकना सामान्य प्रक्रिया है।
सुविधाएं बंद करने के आरोप, प्रशासन ने बताया सुरक्षा का मामला
छात्र संगठन ने आरोप लगाया है कि लगातार बंदी के कारण भोजन, पेयजल, बिजली और वाई-फाई जैसी आवश्यक सुविधाओं तक उनकी पहुंच प्रभावित हुई है।
छात्रों का कहना है कि इस स्थिति से उनकी पढ़ाई के साथ सुरक्षा और मानसिक तनाव संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की मांग की है।
दूसरी ओर, संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि परिसर में धमकी, कथित शारीरिक दुर्व्यवहार और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध जरूरी हुए हैं।
प्रशासन का यह भी आरोप है कि कुछ आंदोलनकारी छात्रों को बाहरी तत्व प्रभावित कर रहे हैं। फिलहाल इन परस्पर आरोपों पर किसी अंतिम जांच निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों की पढ़ाई पर क्या होगा असर?
SRFTI केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला प्रमुख फिल्म एवं टेलीविजन शिक्षण संस्थान है। यहां फिल्म निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संपादन, ध्वनि और डिजिटल मीडिया सहित कई क्षेत्रों में उच्च शिक्षा दी जाती है।
कक्षाएं और परिसर की सुविधाएं बंद रहने से विद्यार्थियों के नियमित पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
अभी तक संस्थान ने प्रभावित विद्यार्थियों के लिए संशोधित अकादमिक कैलेंडर या वैकल्पिक कक्षाओं की स्पष्ट सार्वजनिक समय-सारणी जारी नहीं की है।
इस बीच छात्रों और प्रशासन के बीच संवाद की बहाली तथा शैक्षणिक गतिविधियों को सामान्य बनाने का प्रश्न बना हुआ है।
प्रकाशित: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | 2:42 PM IST

