नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर 18 दिनों तक चला आंदोलन समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 10 नवंबर से ऑफलाइन कक्षाएं और 16 नवंबर से मध्यावधि परीक्षाएं शुरू करने का आदेश जारी किया है।
10 नवंबर से परिसर में लौटेंगे विद्यार्थी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी की ओर से 30 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, ऑनलाइन कक्षाएं 9 नवंबर तक जारी रहेंगी। इसके बाद 10 नवंबर से नियमित ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी।
दूसरी मध्यावधि परीक्षाएं 16 से 21 नवंबर के बीच परिसर में आयोजित की जाएंगी। प्रशासन ने सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
करीब 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव की उम्मीद जामिया में छात्रसंघ चुनाव 2006 से नहीं हुए हैं। इसी मांग को लेकर छात्रों ने 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की थी।
लगातार कई दौर की बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ का संविधान 15 मई 2027 तक मंजूर और लागू करने पर सहमति जताई है। इसके बाद जुलाई 2027 के आसपास शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के छह सप्ताह के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
प्रशासन ने आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ जारी अनुशासनात्मक नोटिस, निलंबन और परिसर प्रवेश संबंधी प्रतिबंध वापस लेने पर भी सहमति दी है।
सात घंटे की बातचीत से निकला समाधान रिपोर्टों के अनुसार, 29 अक्टूबर की रात विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लगभग सात घंटे तक बातचीत हुई। छात्र संगठन चुनाव की स्पष्ट तारीख और अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने का लिखित आश्वासन चाहते थे।
विश्वविद्यालय का आदेश जारी होने के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी संवाद के जरिए समाधान निकलने का स्वागत किया।
इस फैसले से बाधित शैक्षणिक गतिविधियों के सामान्य होने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, छात्रसंघ के चुनाव अभी संपन्न नहीं हुए हैं और निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
प्रकाशित: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | 2:44 PM IST

