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जनगणना 2027: घर-घर गिनती 25 जनवरी से, ऑनलाइन स्व-गणना 10 जनवरी से

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा की है।

एक महिला एक भारतीय परिवार से बात कर रही है, जो अपने घर के दरवाज़े पर खड़े हैं।
जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा 10 जनवरी से 24 जनवरी तक उपलब्ध होगी।
मुख्य बातें

जनगणना 2027 के दूसरे चरण की जनसंख्या गणना अधिकांश राज्यों में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी, जबकि नागरिक 10 जनवरी से 24 जनवरी तक ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे।

  • जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना 10 जनवरी से 24 जनवरी तक उपलब्ध होगी।
  • अधिकांश राज्यों में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक की जाएगी।
  • मुख्य गणना के बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण चरण होगा।
  • उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के लिए अलग समय-सारिणी लागू है।
  • यह स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी और इसमें जातिवार आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे।
  • पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, और 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित कर दी गई थी।

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, देश के अधिकांश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी। इससे पहले नागरिकों को 10 जनवरी से 24 जनवरी तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। हालांकि, चुनाव वाले कुछ राज्यों और हिमालयी क्षेत्रों के लिए अलग समय-सारिणी लागू है।

घर बैठे ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को गणनाकर्मी के घर आने से पहले स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा।

सरकार ने स्व-गणना के लिए 10 से 24 जनवरी 2027 की अवधि निर्धारित की है। इसके बाद 25 जनवरी से गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर जानकारी एकत्र करेंगे।

इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। नागरिकों की भागीदारी आसान बनाने के लिए ऑनलाइन स्व-गणना और गणनाकर्मियों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा संग्रह की व्यवस्था की गई है।

1 मार्च से 5 मार्च तक संशोधन का चरण केंद्रीय अधिसूचना के अनुसार, मुख्य जनसंख्या गणना पूरी होने के बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण चरण आयोजित किया जाएगा।

इस प्रक्रिया के लिए 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को संदर्भ तिथि निर्धारित किया गया है। इसका अर्थ है कि जनसंख्या संबंधी विवरण उसी निर्धारित समय की स्थिति को आधार बनाकर तैयार किए जाएंगे।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने 30 अक्टूबर को अधिसूचना संख्या S.O. 5913(E) जारी की है।

उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में अलग तारीखें सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-हिमाच्छादित इलाकों में जनसंख्या गणना का कार्यक्रम पहले ही निर्धारित कर दिया था।

इन क्षेत्रों में ऑनलाइन स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक होगी। घर-घर गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी, जबकि पुनरीक्षण चरण 5 से 9 जनवरी तक होगा।

मणिपुर के लिए अलग अधिसूचना जारी होनी है। लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिमाच्छादित इलाकों में भी विशेष समय-सारिणी लागू है। इसलिए 25 जनवरी वाली तारीख पूरे देश के प्रत्येक क्षेत्र पर एक समान लागू नहीं होगी।

2011 के बाद पहली जनगणना भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। अगली जनगणना वर्ष 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

जनगणना 2027 स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से जनसंख्या, परिवारों की स्थिति और सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।

सरकार ने इस जनगणना में जातिवार आंकड़े एकत्र करने का भी निर्णय लिया है। जनगणना के परिणामों का उपयोग विकास योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक नीतियों की योजना बनाने में किया जा सकेगा।

नागरिक जनगणना से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं भारत सरकार की जनगणना वेबसाइट पर देख सकते हैं।

प्रकाशित: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | 9:57 PM IST

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