नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2028 में होने वाली कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए विषयों और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। नई व्यवस्था के अनुसार, विद्यार्थी पांच अनिवार्य विषयों के अलावा एक कौशल विषय की परीक्षा दे सकेंगे। यदि कोई विद्यार्थी गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक हासिल नहीं कर पाता, तो निर्धारित शर्तों के तहत उत्तीर्ण कौशल विषय से उसका परिणाम तैयार किया जा सकेगा।
यह व्यवस्था उन विद्यार्थियों के लिए है जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा नौवीं में पढ़ रहे हैं और 2028 में दसवीं की बोर्ड परीक्षा देंगे।
पांच विषयों की बोर्ड परीक्षा अनिवार्य सीबीएसई के 29 अक्टूबर को जारी परिपत्र संख्या Acad-70/2026 के अनुसार, कक्षा दसवीं के लिए दो भाषाएं, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान अनिवार्य बोर्ड परीक्षा विषय होंगे।
हालांकि, विद्यार्थियों को कुल नौ अनिवार्य पाठ्यचर्या क्षेत्रों की पढ़ाई करनी होगी। इनमें तीसरी भाषा, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य तथा व्यावसायिक शिक्षा भी शामिल हैं। इनका मूल्यांकन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार विद्यालय स्तर पर या बोर्ड परीक्षा के जरिए होगा। फेल होने पर कैसे काम आएगा स्किल सब्जेक्ट? बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि विद्यार्थी 22 अधिसूचित कौशल विषयों में से कोई एक चुनता है और उसकी बोर्ड परीक्षा पास करता है, तो गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में 33 प्रतिशत से कम अंक आने पर उस विषय के स्थान पर कौशल विषय को परिणाम की गणना में शामिल किया जा सकेगा।
यह सुविधा केवल एक पात्र विषय को बदलने के लिए है। इसका अर्थ यह नहीं कि किसी भी संख्या में अनिवार्य विषयों में असफल होने पर विद्यार्थी अपने आप पास घोषित कर दिया जाएगा।
AI और डेटा साइंस समेत 22 विषयों का विकल्प विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग एवं बीमा, वित्तीय बाजार, पर्यटन, डिजाइन थिंकिंग और अन्य अधिसूचित कौशल विषयों में से विकल्प चुन सकेंगे।
व्यावसायिक शिक्षा की अनिवार्यता पूरी करने के दो रास्ते होंगे। कौशल विकास चुनने वाले विद्यार्थियों का मूल्यांकन स्कूल में ही होगा और उन्हें अलग बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। दूसरी ओर, 22 अधिसूचित कौशल विषयों में से कोई विषय चुनने पर उसकी बोर्ड परीक्षा देनी होगी। सफल विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के तहत प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
महत्वपूर्ण अंतर: स्कूल-आधारित कौशल विकास चुनने वाले विद्यार्थियों को अनिवार्य विषय के स्थान पर कौशल विषय लगाने की सुविधा नहीं मिलेगी।
पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? सीबीएसई के अनुसार, प्रत्येक अनिवार्य बोर्ड परीक्षा विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के संयुक्त अंक गिने जाएंगे।
उदाहरण के लिए, किसी विद्यार्थी को 80 अंकों की लिखित परीक्षा में 24 और 20 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन में 9 अंक मिलते हैं, तो कुल 33 अंक होने पर वह संबंधित विषय में उत्तीर्ण माना जाएगा।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दसवीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर ये नए प्रावधान लागू नहीं होंगे। उनके लिए मौजूदा परीक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।
पाठ्यक्रम में भी बदलाव इस विशेष बैच के लिए नौवीं में 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी' तथा कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं AI के निर्दिष्ट मॉड्यूल शामिल नहीं होंगे। इसी बैच के लिए दसवीं में पर्यावरण शिक्षा का निर्धारित पाठ्यचर्या घटक भी शामिल नहीं किया जाएगा।
हालांकि, इसका अर्थ AI शिक्षा को पूरी तरह समाप्त करना नहीं है। बोर्ड की अधिसूचित सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक अलग कौशल विषय के रूप में उपलब्ध है।
प्रकाशित: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | 6:39 PM IST

