नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया। साक्षात्कार के लिए बेहद कम समय दिए जाने और पात्र उम्मीदवारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के आरोपों के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) तथा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। विरोध के बाद 28 अक्टूबर के निर्धारित साक्षात्कार स्थगित किए जाने की खबर सामने आई है।
शाम को नोटिस, अगली सुबह रिपोर्टिंग का निर्देश विवाद का मुख्य कारण साक्षात्कार की समय-सारणी बनी। रिपोर्ट के अनुसार, हिंदी विभाग ने 27 अक्टूबर की शाम अभ्यर्थियों की सूची जारी की और अगले ही दिन सुबह 9:15 बजे रिपोर्ट करने को कहा।
28 अक्टूबर को दो चरणों में साक्षात्कार निर्धारित थे। पहले चरण में सुबह 9:30 बजे से 45 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जबकि दूसरे चरण में दोपहर 2 बजे से 27 उम्मीदवारों के साक्षात्कार होने थे।
छात्र संगठनों का कहना है कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए इतने कम समय में यात्रा की व्यवस्था करना मुश्किल था। इससे दूरदराज के अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई।
NET पास उम्मीदवारों को अवसर नहीं देने का आरोप प्रदर्शनकारी छात्रों ने केवल समय-सारणी ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
ABVP और DUSU के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि UGC-NET उत्तीर्ण तथा 'Only for PhD' श्रेणी के अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि विभाग को सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
DUSU अध्यक्ष यश डाबस ने कहा कि उम्मीदवारों को साक्षात्कार की तैयारी और विश्वविद्यालय पहुंचने के लिए उचित समय मिलना चाहिए। वहीं, ABVP की दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई के सचिव अक्षय प्रताप सिंह ने साक्षात्कार के लिए उम्मीदवारों को चुनने के आधार पर सवाल उठाया।
विरोध के बाद इंटरव्यू टले प्रदर्शन के बाद बुधवार के लिए निर्धारित साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए। हालांकि, संशोधित साक्षात्कार कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हुई है।
बुधवार शाम प्रकाशित लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में भी हिंदी विभाग की प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन की पुष्टि हुई है। छात्र संगठनों ने समय से सूची जारी करने, सभी पात्र अभ्यर्थियों को अवसर देने और शिकायतों का समाधान करने की मांग की है।
खबर प्रकाशित होने तक विभागाध्यक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इसलिए प्रवेश प्रक्रिया में पक्षपात और नियमों के उल्लंघन के आरोपों को पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।
अभ्यर्थियों के लिए क्या जरूरी है? हिंदी विभाग के पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अगली साक्षात्कार तारीख, चयनित अभ्यर्थियों की सूची और अन्य निर्देशों की जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट तथा विभागीय सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
इस विवाद ने उच्च शिक्षा की प्रवेश प्रक्रियाओं में समय पर सूचना देने और देशभर के उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत को फिर सामने रखा है।
प्रकाशित: बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 | 8:13 PM IST

