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ट्रेनों में रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पर रोक, रेलवे ने बढ़ाई सख्ती

पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए।

एक ट्रेन के डिब्बे में रात का दृश्य, जिसमें एक फोन चार्ज हो रहा है और खिड़की से चाँद दिख रहा है।
भारतीय रेलवे ने यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने यात्री ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का निर्देश दिया है ताकि आग और विद्युत दुर्घटनाओं से यात्रियों को सुरक्षित रखा जा सके। यह कदम हाल ही में एक पावर बैंक फटने की घटना के बाद उठाया गया है।

  • रेलवे ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का निर्देश दिया है।
  • यह निर्देश दक्षिण पूर्व रेलवे की एक ट्रेन में पावर बैंक फटने की घटना के बाद आया है।
  • यह नियम पहली बार नहीं, बल्कि 2014 के सुरक्षा निर्देशों का पुनः सख्ती से पालन है।
  • कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और नियमों के पालन की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
  • यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपने उपकरण चार्ज कर लें।
  • लापरवाही मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026। भारतीय रेलवे ने यात्री ट्रेनों में रात के समय मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पुराने सुरक्षा नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को कहा है कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कोचों में चार्जिंग पॉइंट की बिजली आपूर्ति बंद रहनी चाहिए।

यह निर्देश हाल में दक्षिण पूर्व रेलवे की एक ट्रेन में चार्जिंग के दौरान पावर बैंक फटने की घटना के बाद जारी किया गया है। रेलवे ने कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने, औचक निरीक्षण करने और सुरक्षा नियमों के पालन की निगरानी बढ़ाने को कहा है।

पावर बैंक फटने के बाद रेलवे हुआ सख्त दैनिक जागरण के अनुसार, 25 अक्टूबर को मुंबई-हावड़ा मेल के एक वातानुकूलित कोच में चार्जिंग के दौरान यात्री का पावर बैंक फटने की घटना सामने आई थी।

रेलवे बोर्ड के 26 अक्टूबर के पत्र में कहा गया है कि दक्षिण पूर्व रेलवे में निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए गए थे। इसी अवधि में पावर बैंक से धुआं निकलने और उसके फटने की घटना हुई।

रेलवे ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि रात में चार्जिंग पॉइंट चालू रखने के लिए कोई अपवाद न दिया जाए।

यह नया नियम नहीं, 2014 के आदेश पर दोबारा सख्ती भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रात में चार्जिंग बंद रखने की व्यवस्था पहली बार लागू नहीं की जा रही है।

रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को आग लगने की घटनाओं के बाद यह सुरक्षा निर्देश जारी किया था। मार्च 2021 में भी इसके पालन पर जोर दिया गया था।

हालिया घटना में नियमों के पालन में कमी सामने आने के बाद रेलवे ने 26 अक्टूबर 2026 को सभी क्षेत्रीय रेलवे को फिर से सख्त निर्देश भेजे हैं।

कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी तय रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि ट्रेनों में तैनात कर्मचारियों को चार्जिंग पॉइंट बंद करने के निर्धारित समय की स्पष्ट जानकारी दी जाए।

अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करके यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रहें।

दक्षिण पूर्व रेलवे ने नियमों के पालन की जांच के लिए 8 नवंबर तक विशेष सुरक्षा अभियान चलाने का फैसला भी किया है। इस दौरान कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और लापरवाही मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

यात्रियों को क्या ध्यान रखना चाहिए? रात में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को मोबाइल और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पहले से चार्ज करके रखने की सलाह दी गई है।

यदि मोबाइल या पावर बैंक चार्ज करते समय असामान्य गर्मी, धुआं या जलने की गंध महसूस हो, तो उपकरण का इस्तेमाल रोककर रेलवे कर्मचारियों को तत्काल सूचना देनी चाहिए।

रेलवे का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को आग और विद्युत उपकरणों से संबंधित दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखना है।

प्रकाशित: बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 | 4:09 PM IST

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