नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को घोषणा की कि 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक पूरे एनसीआर में निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा। धूल पैदा करने वाले निर्माण कार्यों को रोकना इस फैसले का प्रमुख उद्देश्य है।
दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी लागू होंगे प्रतिबंध यह फैसला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर समेत अन्य अधिसूचित क्षेत्रों में भी संबंधित प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है। इसी वजह से 5 से 20 नवंबर की अवधि में धूल उत्पन्न करने वाली बाहरी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों को रोकने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को मिलेगी छूट केंद्रीय मंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।
हालांकि, किन परियोजनाओं और गतिविधियों को विशेष रूप से छूट मिलेगी, इसकी अंतिम सूची CAQM के औपचारिक आदेश से स्पष्ट होगी। निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को उसी आदेश के आधार पर कार्य योजना तैयार करनी होगी।
50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर विचार प्रदूषण कम करने के लिए कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति घटाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पांच अधिक यातायात घनत्व वाले जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर—में वर्क फ्रॉम होम संबंधी निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
इस दौरान कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति और शेष के लिए घर से काम करने की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की बात सामने आई है।
हालांकि, शाम 7:33 बजे तक उपलब्ध जानकारी में इसे पूरे एनसीआर के निजी कार्यालयों के लिए नया अनिवार्य आदेश घोषित नहीं किया गया था।
दिल्ली में 1 नवंबर से पहले ही शुरू हो जाएंगे कुछ प्रतिबंध दिल्ली सरकार ने इससे पहले अपने शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाले विध्वंस और बाहरी निर्माण कार्यों पर रोक की घोषणा की थी।
इसी योजना के अनुसार, 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर और व्यापक प्रतिबंध लागू किए जाने हैं।
अब केंद्र की नई घोषणा 5 से 20 नवंबर के बीच प्रतिबंधों का दायरा दिल्ली से बढ़ाकर पूरे एनसीआर तक ले जाएगी।
बारिश से प्रदूषण में राहत, लेकिन सर्दियों का खतरा बरकरार गुरुवार रात हुई बारिश के बाद शुक्रवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के आधार पर प्रकाशित रिपोर्टों में शुक्रवार तड़के वायु गुणवत्ता सूचकांक लगभग 133 बताया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
इसके बावजूद सरकार ने नवंबर के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए अग्रिम कदम उठाने का फैसला किया है।
प्रकाशित: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | 8:02 PM IST

