नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मंगलवार को 179 था, जो बुधवार दोपहर दो बजे बढ़कर 244 पहुंच गया। इसके साथ ही राजधानी की हवा 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है।
आयोग ने दिल्ली के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के नियम सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रह सकती है।
GRAP-1 के तहत क्या-क्या पाबंदियां लगेंगी? GRAP के पहले चरण में प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों पर निगरानी और नियंत्रण तेज किया जाएगा।
इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना अनिवार्य होगा। निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त खुले में कचरा जलाने पर रोक लागू रहेगी। होटल, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर के लिए कोयले तथा लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध सख्ती से लागू किया जाएगा। डीजल जनरेटर के नियमित इस्तेमाल पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार नियंत्रण रहेगा।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर बढ़ेगी निगरानी दिल्ली-NCR में वाहनों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र और संबंधित नियमों के पालन पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली में पहले से लागू पुराने वाहनों से संबंधित प्रतिबंध भी लागू रहेंगे। निर्धारित नियमों के अंतर्गत 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर संचालन संबंधी पाबंदियां हैं।
हालांकि, GRAP-1 लागू होने का अर्थ सभी निर्माण कार्यों या निजी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। इस चरण में मुख्य जोर प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने और नियमों के अनुपालन पर है।
आने वाले दिनों में भी खराब रह सकती है हवा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के अनुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में बनी रहने की संभावना है।
आयोग की उपसमिति प्रदूषण स्तर और मौसम संबंधी पूर्वानुमानों की लगातार समीक्षा करेगी। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो अगले चरण के प्रतिबंधों पर विचार किया जा सकता है।
फिलहाल GRAP का पहला चरण ही लागू किया गया है।
दिल्ली सरकार ने 11 सूत्रीय कार्ययोजना पर दिया जोर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण की रोकथाम के लिए 11 सूत्रीय कार्ययोजना पर काम कर रही है।
इसमें सड़क की धूल कम करना, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों की पहचान करना शामिल है।
सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण में नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया है।
प्रकाशित: बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | 5:18 PM IST

