वॉशिंगटन, 6 नवंबर 2026। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 5 नवंबर को व्हाइट हाउस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव से निजी मुलाकात की। इसके बाद ट्रंप ने दावा किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए जल्द एक व्यापक समझौता हो सकता है।
हालांकि, ट्रंप ने मुलाकात में हुई बातचीत के मुद्दों या प्रस्तावित समझौते की शर्तों का खुलासा नहीं किया। अब तक किसी अंतिम शांति समझौते पर सहमति बनने की पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप बोले—समझौते में पूरे यूरोप के मुद्दे शामिल हो सकते हैं
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि संभावित समझौता केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं होगा। इसमें यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी शामिल किए जा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी मुलाकात रूसी प्रतिनिधि से हुई, लेकिन व्हाइट हाउस में मौजूद यूक्रेनी प्रतिनिधियों से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बातचीत नहीं की।
रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ट्रंप पहले भी युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जता चुके हैं। इसलिए उनके ताजा बयान को अंतिम समझौते की पुष्टि के बजाय कूटनीतिक उम्मीद के रूप में देखा जाना चाहिए।
10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में तीन देशों की बैठक
युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों का अगला महत्वपूर्ण चरण संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में होने वाला है।
रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल 10 और 11 नवंबर 2026 को त्रिपक्षीय शांति वार्ता में भाग लेने वाले हैं। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने 3 नवंबर को इसकी पुष्टि की थी।
रूस की ओर से राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेदिंस्की मुख्य वार्ताकार होंगे। इस बातचीत में युद्ध के बाद सुरक्षा गारंटी, सैन्य तनाव कम करने और शांति समझौते की संभावित शर्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
हालांकि, वार्ता का कार्यक्रम घोषित होने का अर्थ यह नहीं है कि तीनों पक्ष विवादित मुद्दों पर सहमत हो चुके हैं।
यूक्रेन और नाटो प्रतिनिधियों से भी हुई बातचीत
अमेरिका की ओर से जेरेड कुशनर सहित अधिकारियों ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में यूक्रेन, नाटो और यूरोपीय सहयोगियों के प्रतिनिधियों से अलग बातचीत की।
इन चर्चाओं का प्रमुख विषय यूक्रेन के लिए भविष्य की सुरक्षा गारंटी और यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था रहा।
कुशनर ने बातचीत को सकारात्मक और ठोस बताया। उनके अनुसार, अमेरिका सभी पक्षों के साथ ऐसे व्यावहारिक समाधान तलाश रहा है जिनसे युद्ध समाप्त हो और दोबारा संघर्ष शुरू होने का जोखिम कम किया जा सके।
छह दिन के स्थानीय युद्धविराम के बाद बढ़ी बातचीत
व्हाइट हाउस में गुरुवार को एक अन्य कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधियों की मेजबानी की।
यह कार्यक्रम यूक्रेन के रूसी नियंत्रण वाले ओलेश्की शहर में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक लागू रहे छह दिवसीय स्थानीय युद्धविराम से संबंधित था।
इस अस्थायी व्यवस्था के दौरान मानवीय सहायता पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम किया गया। मेलानिया ट्रंप के अनुसार, लगभग 800 लोगों को वहां से निकाला गया।
हालांकि, यह युद्धविराम 1 नवंबर को समाप्त हो चुका है और इसे पूरे रूस-यूक्रेन युद्ध में स्थायी संघर्षविराम नहीं माना जा सकता।
शांति समझौते के सामने अभी कई चुनौतियां
रूस और यूक्रेन के बीच क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा गारंटी और भविष्य की सैन्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बड़े मतभेद बने हुए हैं।
यूक्रेन अपनी सुरक्षा के लिए भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय गारंटी चाहता है, जबकि रूस की अपनी सुरक्षा संबंधी मांगें हैं। इन मुद्दों पर सहमति के बिना स्थायी शांति समझौता कठिन माना जा रहा है।
ट्रंप की रूसी दूत से मुलाकात और आगामी अबू धाबी वार्ता कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ने का संकेत जरूर हैं, लेकिन युद्ध समाप्त होने की निश्चित समय-सीमा अभी सामने नहीं आई है।
अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें 10 और 11 नवंबर की वार्ता पर होंगी, जहां यह स्पष्ट हो सकता है कि दोनों पक्ष शांति की दिशा में ठोस प्रगति करने को तैयार हैं या नहीं।
प्रकाशित: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | 2:37 PM IST

