डिब्रूगढ़, 6 नवंबर 2026। असम के डिब्रूगढ़ जिले में शुक्रवार को सरकारी तेल कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) के टेंगाखाट स्थित इंटरमीडिएट टैंक फार्म में रखरखाव कार्य के दौरान आग लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
कंपनी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 9:05 बजे हुआ। उस समय टैंक फार्म के एक हिस्से में रखरखाव का काम चल रहा था। शुरुआती रिपोर्टों में विस्फोट के बाद आग फैलने की जानकारी दी गई है। हालांकि, दुर्घटना के सटीक तकनीकी कारण की जांच अभी जारी है।
मृतक की पहचान राजू दत्ता के रूप में
हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारी की पहचान राजू दत्ता के रूप में हुई है। वह मुंबई की निजी कंपनी स्पेक्ट्रॉन इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत थे। यह कंपनी ऑयल इंडिया के लिए रखरखाव संबंधी कार्य कर रही थी।
घटना के समय मौके पर नौ कर्मचारी मौजूद थे। इनमें सात आग की चपेट में आए। एक कर्मचारी की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए।
ऑयल इंडिया ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
छह कर्मचारियों की हालत गंभीर
असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक ध्रुबज्योति भुइयां ने पीटीआई को बताया कि घायल कर्मचारियों की स्थिति गंभीर है।
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, कुछ घायलों के शरीर का 35 से 90 प्रतिशत हिस्सा झुलसा है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
ऑयल इंडिया के शुरुआती बयान के मुताबिक, पांच घायलों को डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और एक को दुलियाजान स्थित ऑयल अस्पताल ले जाया गया था। बाद की रिपोर्टों में सभी छह घायलों के इलाज की जानकारी दी गई है।
11 दमकल गाड़ियों ने बुझाई आग
कंपनी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन दलों को सक्रिय किया गया। आग बुझाने के लिए कुल 11 दमकल इकाइयां लगाई गईं।
दोपहर करीब 12:30 बजे आग पर काबू पा लिया गया। कंपनी ने बताया कि संबंधित क्षेत्र को रखरखाव के लिए 4 नवंबर से अलग रखा गया था।
ऑयल इंडिया ने दुर्घटना के कारणों, नुकसान और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपायों की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की है।
जिला प्रशासन भी करेगा जांच
डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त विक्रम कैरी ने बताया कि प्रशासन हादसे के कारणों की जांच करेगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
जिला प्रशासन के अनुसार, आग बुझा दी गई है और आसपास रहने वाले लोगों को फिलहाल घर खाली करने की आवश्यकता नहीं है।
इस घटना ने औद्योगिक परिसरों में रखरखाव के दौरान सुरक्षा प्रक्रियाओं, ठेका कर्मचारियों के प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारियों के महत्व को फिर सामने ला दिया है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति, ठेकेदार या उपकरण को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
प्रकाशित: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | 11:40 PM IST

