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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाइटक्लब मालिकों को भुगतान की समयसीमा तय की, 25 परिवारों को मिलेगी राहत।

एक अदालत के सामने न्याय का तराजू, मोमबत्तियाँ और फूल, समुद्र के किनारे ताड़ के पेड़।
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में जान गंवाने वाले 25 लोगों के परिवारों को अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश।
मुख्य बातें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के 25 मृतकों के परिवारों को अंतरिम राहत के तौर पर 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है, जिसका भुगतान किस्तों में किया जाएगा।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के 25 मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
  • नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को यह मुआवजा देना होगा।
  • भुगतान तीन किस्तों में होगा: 15 नवंबर 2026 तक 5 लाख रुपये, दिसंबर में 5 लाख रुपये और फरवरी 2027 तक शेष 10 लाख रुपये।
  • यह अंतरिम सहायता है और परिवारों के अतिरिक्त मुआवजे के दावे का अधिकार बरकरार रहेगा।
  • दिसंबर 2025 में उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में आग लगी थी, जिसमें 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक मारे गए थे।
  • मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।

पणजी, 2 नवंबर 2026। गोवा के एक नाइटक्लब में दिसंबर 2025 में लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले 25 लोगों के परिवारों को अंतरिम राहत देने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्देश दिया। अदालत की गोवा पीठ ने नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए 20 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने को कहा है। भुगतान किस्तों में करने की अनुमति भी दी गई है।

तीन किस्तों में होगा मुआवजे का भुगतान पीड़ित परिवारों की ओर से पेश अधिवक्ता प्राची सावंत ने सुनवाई के बाद बताया कि न्यायालय ने मुआवजे के भुगतान का कार्यक्रम निर्धारित किया है।

इसके अनुसार, प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए 15 नवंबर 2026 तक 5 लाख रुपये, दिसंबर में अगले 5 लाख रुपये और शेष 10 लाख रुपये फरवरी 2027 तक देने होंगे।

यह मुआवजा अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी 25 लोगों के परिवारों के लिए है, जिनमें पांच पर्यटकों के परिवार भी शामिल हैं।

अतिरिक्त मुआवजा मांगने का अधिकार बरकरार अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम सहायता है। मुआवजा स्वीकार करने से प्रभावित परिवारों का आगे अतिरिक्त राहत या अन्य कानूनी दावे करने का अधिकार समाप्त नहीं होगा।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जमसांडेकर की पीठ ने की। अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।

इससे पहले 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने अंतरिम मुआवजे की व्यवस्था पर विचार करते हुए नाइटक्लब मालिकों को राशि जमा करने का निर्देश दिया था। सोमवार की सुनवाई के बाद भुगतान की किस्तें और समयसीमा स्पष्ट हुई हैं।

दिसंबर 2025 में हुआ था भीषण हादसा उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 की रात आग लग गई थी। इस दुर्घटना में 20 कर्मचारियों और पांच पर्यटकों की मौत हुई थी। लगभग 50 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी।

प्रारंभिक जांच में कार्यक्रम के दौरान इस्तेमाल की गई आतिशबाजी को आग लगने का संभावित कारण बताया गया था। अग्निसुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास और जरूरी अनुमतियों में कथित कमियों को लेकर भी सवाल उठे थे।

हादसे के बाद लूथरा बंधु थाईलैंड चले गए थे, जहां से उन्हें वापस भारत लाया गया। उनके खिलाफ आपराधिक मामले में कानूनी कार्यवाही जारी है।

पीड़ित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत न्यायालय का नया निर्देश प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, मुआवजे का आदेश जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि पूरी राशि परिवारों को मिल चुकी है।

अदालत आगे भी मुआवजे और संबंधित कानूनी मामलों की निगरानी करेगी। इस मामले ने सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों में अग्निसुरक्षा नियमों और संचालकों की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया है।

प्रकाशित: सोमवार, 2 नवंबर 2026 | 7:54 PM IST

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