नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026। राजधानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। दिल्ली पुलिस के हवाले से कई समाचार संस्थानों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। घटनास्थल पर दमकल विभाग और बचाव दल मलबे की जांच में जुटे हैं।
सुबह 9:50 बजे मिली हादसे की सूचना
घटना पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास शीश महल क्षेत्र में हुई। दिल्ली अग्निशमन सेवा को सुबह करीब 9 बजकर 50 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली।
इंडिया टुडे की दोपहर 12:10 बजे प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां, एक वाटर बाउजर, एक त्वरित प्रतिक्रिया वाहन और एक अन्य राहत टीम मौके पर भेजी गई।
सुबह लगभग 10:15 बजे घटनास्थल पर मौजूद स्टेशन अधिकारी ने विभाग को बताया कि निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढही है और कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। इसके बाद अतिरिक्त बचावकर्मी बुलाए गए।
बचाव अभियान में छह दमकल इकाइयां तैनात
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने कुल छह इकाइयां घटनास्थल पर तैनात कीं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के कर्मियों को भी खोज और बचाव कार्य में लगाया गया।
अमर उजाला की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, इमारत लगभग 50 गज के भूखंड पर बन रही थी और ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे के समय परिसर में कितने मजदूर और अन्य लोग मौजूद थे।
मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका
दोपहर तक प्रकाशित रिपोर्टों में दो लोगों की मौत और एक के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने को लेकर सूचनाओं में अंतर है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में छह और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई, जबकि अमर उजाला की पहले की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से किसी अन्य व्यक्ति के फंसे नहीं होने की बात कही गई थी।
ऐसे में मलबे के नीचे फंसे लोगों की अंतिम संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। बचाव अभियान का आधिकारिक समापन भी घोषित नहीं किया गया है।
इमारत गिरने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
इमारत का हिस्सा अचानक क्यों ढहा, इस बारे में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की ओर से जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
घटना निर्माण कार्य के दौरान हुई, लेकिन क्या इसके पीछे निर्माण संबंधी लापरवाही, संरचनात्मक कमजोरी या कोई अन्य कारण था, इसकी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।
पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार और चांदनी चौक जैसे इलाकों में संकरी गलियां और घनी आबादी आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में त्वरित राहत व्यवस्था का विशेष महत्व है।
दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा पर फिर सवाल
सितंबर 2026 में दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। अक्टूबर में सीमापुरी इलाके में भी इमारत ढहने की घटना सामने आई थी।
चावड़ी बाजार की ताजा घटना ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों, भवन की मजबूती और संबंधित एजेंसियों की निगरानी पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी विशिष्ट नियम के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
प्रकाशित: गुरुवार, 5 नवंबर 2026 | 1:49 PM IST

