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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिए संकेत

दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब, रुबियो ने रूसी तेल प्रतिबंधों पर भी बात की।

झटपट समझें

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत अंतिम चरण में है, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 19 अक्टूबर को बताया कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।

मुख्य बातें

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 19 अक्टूबर को इसकी पुष्टि की।
  • रुबियो ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट का भी जिक्र किया।
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पहले ही समझौते के पहले चरण की जानकारी दी थी।
  • समझौता भारत को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलने पर ही लागू होगा।
  • रुबियो 20 अक्टूबर को एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
एक व्यक्ति अमेरिकी झंडे के सामने मुस्कुरा रहा है, उसने नीले रंग का सूट और टाई पहनी हुई है।
यह खंड भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रगति पर केंद्रित है।

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार, 19 अक्टूबर को कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।

उज्बेकिस्तान के समरकंद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने बताया कि अमेरिका इस समय भारत के साथ व्यापार समझौते को पूरा करने की कोशिश कर रहा है और बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, समझौते पर अभी औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।

रूसी तेल पर प्रतिबंधों को लेकर भी दिया बयान रुबियो ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए अमेरिका को पिछले कुछ महीनों में कुछ प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है।

रुबियो के अनुसार, भारत जैसे देशों के लिए अचानक ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत तलाशना आसान नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत के साथ जारी व्यापार वार्ता भी प्रतिबंधों में छूट से जुड़े फैसलों में विचार किए जाने वाले कारकों में शामिल है।

व्यापार समझौते का पहला चरण तैयार इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तैयार हो चुका है और कानूनी मसौदे पर काम चल रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि समझौते को तभी लागू किया जाएगा, जब इससे भारत को अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले व्यापारिक लाभ मिलेगा।

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते को भारतीय निर्यातकों, निवेशकों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम शर्तें सामने आने के बाद ही इसके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

20 अक्टूबर को जयशंकर से मुलाकात मार्को रुबियो मंगलवार, 20 अक्टूबर को भारत पहुंचने वाले हैं। मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक निर्धारित है।

इस मुलाकात में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

रुबियो की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मतभेदों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

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