नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने समुद्री रास्ते से भारत की ओर लाई जा रही नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी है। लक्षद्वीप के पश्चिम में अरब सागर में रोकी गई एक ईरानी dhow से करीब 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद हुई है। अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक है।
नाव पर मौजूद पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। पकड़ी गई नाव, चालक दल और जब्त नशीले पदार्थों को सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया है, जहां संबंधित एजेंसियां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई करेंगी।
ऑपरेशन वास्तव में 25 सितंबर 2026 को किया गया था, लेकिन भारतीय तटरक्षक बल ने इसकी जानकारी बुधवार, 30 सितंबर को सार्वजनिक की। इसलिए यह आज सामने आया नया आधिकारिक घटनाक्रम है, न कि बुधवार को समुद्र में हुई ताजा मुठभेड़।
तटरक्षक बल के अनुसार खुफिया जानकारी मिलने के बाद समुद्र और हवा—दोनों माध्यमों से निगरानी शुरू की गई। संदिग्ध ईरानी नाव का पीछा करने के बाद उसे लक्षद्वीप के पश्चिम में रोका गया और टीम उस पर सवार हुई। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में high-grade heroin और methamphetamine बरामद हुआ।
यह कार्रवाई Indian Coast Guard और Gujarat Anti-Terrorism Squad का संयुक्त अभियान था। तटरक्षक बल ने कहा है कि जब्ती का उद्देश्य केवल खेप रोकना नहीं, बल्कि इसके पीछे मौजूद अंतरराष्ट्रीय drug syndicate के वित्तीय और logistics network तक पहुंचना भी है।
फिलहाल यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि खेप का अंतिम destination कौन-सा शहर या राज्य था, इसे किस network ने भेजा था अथवा भारत में इसके संभावित receivers कौन थे। इन बिंदुओं पर जांच जारी है। इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के इसे किसी खास संगठन या आतंकी नेटवर्क से जोड़ना उचित नहीं होगा।
अरब सागर का समुद्री मार्ग लंबे समय से पश्चिम और दक्षिण एशिया के बीच narcotics trafficking के लिए सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहा है। इस मामले में नाव के ईरानी होने, चालक दल के पांच सदस्यों के पाकिस्तानी नागरिक होने और एक साथ 526 किलो narcotics मिलने के कारण जांच का अंतरराष्ट्रीय पहलू महत्वपूर्ण हो गया है।

