नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने आज हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं ने रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, व्यापार और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। संयुक्त प्रेस वार्ता से पहले कुछ समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान भी हुआ। हालांकि, उनकी पूरी आधिकारिक सूची की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
आज की बैठक में क्या नया सामने आया? - रक्षा सहयोग: दोनों देशों ने रक्षा उद्योग और संयुक्त विनिर्माण में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। पोलैंड की कंपनियां भारतीय रक्षा उद्योग के साथ काम करने में दिलचस्पी रखती हैं। - अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा: प्रधानमंत्री मोदी ने इन रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही। किसी निश्चित नई परियोजना या निवेश राशि की घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। - व्यापार: दोनों देश लगभग 6 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं। 10 अरब डॉलर तक व्यापार पहुंचाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है, हालांकि यह कोई नया बाध्यकारी समझौता नहीं है। - वैश्विक मुद्दे: यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई। मोदी ने शांति के लिए कूटनीतिक प्रयासों को भारत का समर्थन दोहराया। - तकनीकी साझेदारी: पोलैंड का प्रतिनिधिमंडल 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में भारतीय आईटी और अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों से मिलने वाला है।
डोनाल्ड टस्क ने पीएम मोदी की सराहना की संयुक्त प्रेस वार्ता में टस्क ने भारत और पोलैंड के संबंधों को विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित बताया। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता के दौर में मोदी की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशा का प्रतीक बताया। टस्क ने कहा कि दोनों देशों के बीच कोई प्रमुख ऐतिहासिक विवाद नहीं है और उनका आर्थिक विकास नई साझेदारी के अवसर पैदा करता है।
क्या कोई बड़ा रक्षा सौदा हुआ? अभी किसी विशिष्ट नए रक्षा सौदे, परमाणु परियोजना या अंतरिक्ष अनुबंध के हस्ताक्षर होने की पुष्टि नहीं मिली है। समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की घोषणाओं को वास्तविक परियोजना अनुबंधों से अलग समझना जरूरी है।
प्रकाशित: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 3:02 PM IST

