नई दिल्ली: भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में व्यापार, निवेश, उभरती प्रौद्योगिकियों और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और पोलैंड रक्षा, अंतरिक्ष तथा परमाणु ऊर्जा में सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं।
भारत ने पोलैंड की कंपनियों को संयुक्त अनुसंधान, विकास और विनिर्माण परियोजनाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
पोलैंड भी भारतीय कंपनियों के साथ रक्षा उपकरणों के निर्माण और आधुनिक औद्योगिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है। हालांकि, किसी विशिष्ट नए रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर होने की पुष्टि नहीं हुई है।
16 साल बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री का भारत दौरा डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह 2010 में भारत आए थे।
भारत और पोलैंड ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था।
इस बार दोनों नेताओं ने उस साझेदारी को रक्षा उद्योग, व्यापार और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
व्यापार और स्वच्छ ऊर्जा में निवेश की संभावनाएं पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ वहां के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
पोलैंड ने भारत के साथ स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण, रक्षा उद्योग और तकनीकी अनुसंधान में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है।
दोनों देश व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने और कंपनियों के बीच सीधे सहयोग को बढ़ावा देने के अवसर तलाश रहे हैं।
बेंगलुरु में तकनीकी कंपनियों से मिलेंगे टस्क दिल्ली में बैठक के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री का 23 अक्टूबर को बेंगलुरु जाने का कार्यक्रम है। वहां वह सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और अन्य उभरते क्षेत्रों की भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन भी दिल्ली और बेंगलुरु में किया जा रहा है।
इस यात्रा से दोनों देशों के औद्योगिक और तकनीकी संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रकाशित: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 2:52 PM IST

