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यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट से ₹8,415 करोड़ का झटका, रद्द किए गए बॉन्ड फिर होंगे बहाल; बैंक की पूंजी पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले से झटका लगा है।

झटपट समझें

नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले से झटका लगा है। अदालत ने बैंक के ₹8,415 करोड़ के अतिरिक्त टियर-1 (AT1) बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने के 2020 के फैसले को अवैध करार दिया है।

मुख्य बातें

  • नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले से झटका लगा है।
  • अदालत ने बैंक के ₹8,415 करोड़ के अतिरिक्त टियर-1 (AT1) बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने के 2020 के फैसले को अवैध करार दिया है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए बैंक, रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार की अपीलें खारिज कर दी हैं।
यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट से ₹8,415 करोड़ का झटका, रद्द किए गए बॉन्ड फिर होंगे बहाल; बैंक की पूंजी पर पड़ेगा असर
यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट से ₹8,415 करोड़ का झटका, रद्द किए गए बॉन्ड फिर होंगे बहाल; बैंक की पूंजी पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले से झटका लगा है। अदालत ने बैंक के ₹8,415 करोड़ के अतिरिक्त टियर-1 (AT1) बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने के 2020 के फैसले को अवैध करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए बैंक, रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार की अपीलें खारिज कर दी हैं। इससे छह साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे बॉन्ड निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।

2020 के बैंकिंग संकट से जुड़ा है मामला

मार्च 2020 में गंभीर वित्तीय संकट के दौरान यस बैंक के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस समय बैंक के प्रशासक ने करीब ₹8,415 करोड़ मूल्य के AT1 बॉन्ड का मूल्य शून्य कर दिया था, जिससे इन बॉन्ड में निवेश करने वालों की पूंजी प्रभावित हुई।

बॉन्डधारकों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। उनका तर्क था कि बैंक की अंतिम पुनर्गठन योजना में इन बॉन्ड को समाप्त करने का प्रावधान नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने माना कि प्रशासक ने अपने अधिकारों से आगे जाकर कार्रवाई की थी। अदालत ने नियामकीय प्रक्रिया और निवेशकों के हितों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए।

आज बैंक ने बताया, पूंजी अनुपात पर कितना असर होगा

शुक्रवार, 16 अक्टूबर को यस बैंक ने बताया कि बॉन्ड बहाल होने से उसके मुख्य इक्विटी पूंजी अनुपात (CET1) में लगभग 2.5 प्रतिशत अंक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, बैंक के अनुमान के अनुसार उसका कुल टियर-1 पूंजी अनुपात करीब 14 प्रतिशत पर बना रह सकता है।

रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने भी कहा है कि इस फैसले से बैंक की रेटिंग प्रभावित होने की उम्मीद नहीं है, हालांकि भविष्य की कमाई पर दबाव पड़ सकता है। बैंक अभी फैसले के वित्तीय और कानूनी प्रभावों की समीक्षा कर रहा है।

शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों को पैसा कब मिलेगा?

फैसले के बाद गुरुवार को यस बैंक के शेयर लगभग 14.5 प्रतिशत गिरकर ₹18.12 पर बंद हुए। इससे शेयर बाजार में बैंक की भविष्य की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता सामने आई।

हालांकि, बॉन्डधारकों को पूरी रकम तुरंत नकद वापस मिल जाएगी, यह अभी तय नहीं है। बॉन्ड की बहाली, ब्याज भुगतान और अन्य देनदारियों के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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