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हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गहराया संकट, गुरुग्राम में 50 हजार से अधिक घर प्रभावित

निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में 40 हजार कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर, पानी की आपूर्ति भी बाधित।

शाम के समय एक बिजली सबस्टेशन, जिसमें कर्मचारी और शहर की इमारतें दिख रही हैं।
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से कई जिलों में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
मुख्य बातें

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरुग्राम, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। लगभग 40 हजार कर्मचारी एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक हड़ताल पर हैं।

  • हरियाणा में 40 हजार बिजली कर्मचारी 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक हड़ताल पर हैं।
  • गुरुग्राम में 50 हजार से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
  • हड़ताल के कारण पानी की आपूर्ति और औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
  • कर्मचारी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए 25 वर्ष के लाइसेंस का विरोध कर रहे हैं।
  • ऊर्जा मंत्री ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है और सरकार ने फैसले को APTEL में चुनौती दी है।
  • पंचकूला में स्थिति की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण कई जिलों में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। गुरुग्राम, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 40 हजार कर्मचारियों और इंजीनियरों ने बिजली वितरण के लिए एक निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने के विरोध में 22 अक्टूबर से हड़ताल शुरू की है, जो 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित है।

गुरुग्राम में 50 हजार से ज्यादा घर प्रभावित हड़ताल का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम में देखने को मिला है। गुरुवार को पुराने गुरुग्राम के 50 हजार से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बिजली वितरण निगम को करीब पांच हजार शिकायतें मिलीं, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण कई स्थानों पर खराबी दूर करने में देरी हुई।

पालम विहार, राजेंद्र पार्क, अशोक विहार, सेक्टर-9 और आसपास की करीब 50 कॉलोनियों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। कुछ इलाकों में लोगों को कई घंटों तक बिजली के बिना रहना पड़ा।

बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें भी बंद रहीं, जिससे घरेलू जलापूर्ति प्रभावित हुई। औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन संबंधी गतिविधियों पर भी असर पड़ा।

आखिर क्यों हड़ताल पर हैं बिजली कर्मचारी? विवाद की शुरुआत हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के एक फैसले से हुई। आयोग ने गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 वर्ष का समानांतर लाइसेंस प्रदान किया है।

कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इस फैसले से सरकारी बिजली वितरण निगम कमजोर हो सकता है और भविष्य में कर्मचारियों की नौकरियों तथा उपभोक्ताओं के हितों पर असर पड़ सकता है।

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने लाइसेंस वापस लेने की मांग करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया है।

सरकार ने की काम पर लौटने की अपील हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भी निजी बिजली वितरण लाइसेंस के फैसले का विरोध कर रही है।

सरकार ने इस फैसले को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में चुनौती देने और इस पर रोक लगाने की मांग करने की बात कही है।

ऊर्जा मंत्री का कहना है कि जब सरकार स्वयं नियामक आयोग के फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, तो कर्मचारियों को हड़ताल के बजाय बातचीत और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।

पंचकूला में कंट्रोल रूम स्थापित हड़ताल के कारण पंचकूला के कुछ क्षेत्रों में भी बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

जिला प्रशासन ने स्थिति की निगरानी और आवश्यक सेवाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सेक्टर-1 स्थित उपायुक्त कैंप कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है।

प्रशासन के अनुसार, कंट्रोल रूम 24 अक्टूबर तक अथवा स्थिति सामान्य होने तक कार्य करेगा। नागरिक 0172-2585777 पर संपर्क कर सकते हैं।

फिलहाल कर्मचारी संगठन अपनी मांगों पर कायम हैं। यदि बातचीत के माध्यम से समाधान नहीं निकलता है, तो बिजली आपूर्ति पर दबाव बना रह सकता है।

प्रकाशित: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 4:42 PM IST

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