नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार को जारी शुरुआती सर्वेक्षण में सकारात्मक संकेत मिले हैं। अक्टूबर में देश की निजी क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियां चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। हालांकि, कारोबार बढ़ने के बावजूद कंपनियों में नई भर्तियों की रफ्तार लगभग थम गई है।
एचएसबीसी और एसएंडपी ग्लोबल के फ्लैश पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार, भारत का संयुक्त कारोबारी गतिविधि सूचकांक सितंबर के 55.9 से बढ़कर अक्टूबर में 56.7 हो गया। यह जून 2026 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
सेवा क्षेत्र में तेजी, विनिर्माण में भी बढ़ा उत्पादन अक्टूबर में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। सर्विसेज PMI सितंबर के 55.2 से बढ़कर 56.2 हो गया।
विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन सूचकांक भी 57.5 से बढ़कर 57.6 पहुंचा। हालांकि, विनिर्माण क्षेत्र का मुख्य PMI सितंबर के 55.1 से घटकर 54.9 रहा।
PMI में 50 से ऊपर का स्तर कारोबारी गतिविधियों में विस्तार दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का स्तर संकुचन का संकेत होता है।
सर्वेक्षण के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग बढ़ने और नए ऑर्डर मिलने से कंपनियों के उत्पादन तथा सेवाओं की गतिविधियों को समर्थन मिला।
कारोबार बढ़ा, लेकिन नई नौकरियों में सुस्ती सर्वेक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रोजगार की स्थिति रही। अक्टूबर में नई भर्तियों की रफ्तार वर्ष 2026 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।
सेवा क्षेत्र में लगातार नौ महीने तक रोजगार बढ़ने के बाद अक्टूबर में कर्मचारियों की संख्या लगभग स्थिर रही। विनिर्माण क्षेत्र में भी सीमित नई भर्तियां दर्ज की गईं।
कंपनियों ने बताया कि मौजूदा कर्मचारी बढ़े हुए काम को संभालने में सक्षम हैं, इसलिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता सीमित रही।
इससे संकेत मिलता है कि कारोबारी गतिविधियों में सुधार का लाभ फिलहाल रोजगार के नए अवसरों में उसी अनुपात में नहीं दिखाई दे रहा है।
निर्यात ऑर्डर में छह महीने की सबसे तेज बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिलने वाले नए ऑर्डर में भी सुधार दर्ज किया गया। अक्टूबर में निर्यात ऑर्डर पिछले छह महीनों की सबसे तेज गति से बढ़े।
इस बढ़ोतरी में मुख्य योगदान विनिर्माण कंपनियों का रहा। अमेरिका, ब्रिटेन, पश्चिम एशिया और बांग्लादेश जैसे बाजारों से मांग में सुधार देखने को मिला।
हालांकि, सेवा क्षेत्र के विदेशी ऑर्डर की वृद्धि अपेक्षाकृत कमजोर रही।
महंगाई के दबाव में भी आई कमी सर्वेक्षण में कंपनियों की उत्पादन लागत को लेकर राहत के संकेत मिले हैं।
इनपुट लागत में महंगाई लगातार सातवें महीने कम हुई और लगभग एक वर्ष के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। कंपनियों की ओर से ग्राहकों से वसूली जाने वाली कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार भी मार्च 2025 के बाद सबसे कम रही।
इसके अलावा अगले 12 महीनों को लेकर कंपनियों का कारोबारी भरोसा मई के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, अर्थशास्त्रियों के अनुसार, कारोबारी गतिविधियों में तेजी के साथ रोजगार वृद्धि का कमजोर रहना अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
यह शुरुआती सर्वेक्षण है। अक्टूबर की आर्थिक गतिविधियों की अंतिम तस्वीर विस्तृत PMI आंकड़े जारी होने के बाद और स्पष्ट होगी।
प्रकाशित: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 4:39 PM IST

