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तमिलनाडु में भारी बारिश: 4 जिलों में स्कूल बंद, 140 एकड़ धान की फसल जलमग्न

उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, 26 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट; किसानों को मुआवजे की मांग।

बारिश में डूबी सड़क पर लोग और वाहन चल रहे हैं, दूर मंदिर दिख रहा है।
तमिलनाडु में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
मुख्य बातें

तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जिसके चलते 4 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, 140 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है, और 26 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

  • तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण कई जिलों में भारी बारिश हो रही है।
  • तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में 22 अक्टूबर को स्कूल बंद रहे।
  • मदुरै जिले में 140 एकड़ से अधिक धान की फसल पानी में डूब गई है।
  • किसानों ने सिंचाई नहरों की सफाई न होने की शिकायत की और सरकार से मुआवजे की मांग की है।
  • वैगई बांध का जलस्तर 45.60 फुट और मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर 117.90 फुट तक पहुंच गया है।
  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

चेन्नई, 23 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु में सक्रिय उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण कई जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है। मदुरै, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और तेनकासी सहित दक्षिणी इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

चार जिलों में स्कूलों की छुट्टी भारी बारिश को देखते हुए गुरुवार, 22 अक्टूबर को तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में स्कूल बंद रखे गए। कन्याकुमारी के कोल्लमकोड नगरपालिका क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मदुरै के सेल्लूर सहित कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति सामने आई है। प्रशासन ने पानी निकालने के लिए पंप लगाने और नालों की सफाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।

किसानों को नुकसान, बांधों में बढ़ा जलस्तर मदुरै जिले में 140 एकड़ से अधिक क्षेत्र में हाल ही में लगाई गई धान की फसल पानी में डूब गई है। किसानों ने सिंचाई नहरों की सफाई नहीं होने की शिकायत करते हुए सरकार से मुआवजे की मांग की है।

लगातार बारिश से जलाशयों में पानी की आवक भी बढ़ी है। गुरुवार तक वैगई बांध का जलस्तर बढ़कर 45.60 फुट और मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर 117.90 फुट पहुंच गया।

बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु तट के आसपास कम दबाव की मौसमी प्रणाली सक्रिय है। इसके अलावा 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और उससे सटी मध्य-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में 24 और 25 अक्टूबर को बारिश तेज हो सकती है। केरल के कुछ जिलों में भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।

प्रकाशित: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 4:43 PM IST

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