नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक बहुमंजिला आवासीय इमारत का हिस्सा गिर गया। हादसा इदगाह मछली मंडी के पास करीब 3:30 बजे हुआ। पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य एजेंसियां मौके पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
शाहदरा के DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक इमारत करीब 25 गज के प्लॉट पर बनी थी। पुलिस ने इसे चार मंजिला बताया है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में पांच मंजिला इमारत का उल्लेख है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी को देखते हुए इसे फिलहाल बहुमंजिला इमारत कहना अधिक सटीक है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। कई घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। Indian Express की शाम की अपडेट के अनुसार कम से कम सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है। पुलिस को आशंका है कि अभी भी दो से तीन लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।
बचाव अभियान के दौरान दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। दिल्ली फायर सर्विस की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और पुलिस व अन्य एजेंसियों के साथ मलबा हटाने का काम जारी है।
इमारत गिरने से आसपास के दो-तीन मकानों के हिस्सों पर भी मलबा गिरने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ स्थानीय निवासियों ने दावा किया है कि मंगलवार रात उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं, लेकिन अधिकारियों ने भूकंप को इमारत गिरने का कारण नहीं बताया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण सीमापुरी गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से घटनास्थल के आसपास न रुकने और रास्ता खाली रखने की अपील की है, ताकि एंबुलेंस तथा बचाव वाहनों की आवाजाही बाधित न हो।
यह घटना दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। करीब एक महीने पहले 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। उस हादसे के बाद MCD ने असुरक्षित और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान भी चलाया था।
सीमापुरी हादसा अभी developing story है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद घायलों और मलबे में फंसे लोगों की संख्या बदल सकती है।

