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Starship ने पहली बार हासिल की पृथ्वी की कक्षा: 26 Starlink सैटेलाइट तैनात, इंजन बंद होने के बावजूद बड़ी उपलब्धि

टेक्सास: SpaceX के विशाल Starship रॉकेट ने अपने विकास कार्यक्रम में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया है।

झटपट समझें

टेक्सास: SpaceX के विशाल Starship रॉकेट ने अपने विकास कार्यक्रम में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया है।

मुख्य बातें

  • टेक्सास: SpaceX के विशाल Starship रॉकेट ने अपने विकास कार्यक्रम में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया है।
  • सोमवार को टेक्सास के Starbase से हुई 14वीं परीक्षण उड़ान में Starship ने अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद 26 नई पीढ़ी के Starlink सैटेलाइट भी सफलतापूर्वक तैनात किए।
  • यह Starship की पिछली उड़ानों से बड़ा बदलाव है।
Starship ने पहली बार हासिल की पृथ्वी की कक्षा: 26 Starlink सैटेलाइट तैनात, इंजन बंद होने के बावजूद बड़ी उपलब्धि
Starship ने पहली बार हासिल की पृथ्वी की कक्षा: 26 Starlink सैटेलाइट तैनात, इंजन बंद होने के बावजूद बड़ी उपलब्धि

टेक्सास: SpaceX के विशाल Starship रॉकेट ने अपने विकास कार्यक्रम में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया है। सोमवार को टेक्सास के Starbase से हुई 14वीं परीक्षण उड़ान में Starship ने अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद 26 नई पीढ़ी के Starlink सैटेलाइट भी सफलतापूर्वक तैनात किए।

यह Starship की पिछली उड़ानों से बड़ा बदलाव है। पहले के परीक्षण मुख्य रूप से suborbital trajectory पर होते थे, लेकिन Flight 14 में spacecraft ने launch के करीब 25 मिनट बाद सफलतापूर्वक Earth orbit हासिल किया।

मिशन पूरी तरह समस्या-मुक्त नहीं रहा। उड़ान के दौरान Starship के इंजनों में से एक अपेक्षा से पहले बंद हो गया। इसके बावजूद spacecraft को कक्षा में पहुंचने के लिए पर्याप्त performance मिली और orbital insertion सफल रहा।

कक्षा में पहुंचने के करीब आधे घंटे बाद Starship ने 26 Starlink V3 satellites की deployment शुरू की। यह खास उपलब्धि इसलिए है क्योंकि पहले Starship परीक्षणों में satellite simulators का इस्तेमाल किया गया था; इस बार वास्तविक operational satellites कक्षा में छोड़े गए।

मिशन मूल रूप से लगभग 10 घंटे चलने और पृथ्वी के कई चक्कर लगाने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि engine-related समस्या के बाद SpaceX ने अतिरिक्त जोखिम लेने के बजाय उड़ान को करीब तीन घंटे में समाप्त करने का फैसला किया। इस तरह मिशन निर्धारित समय से लगभग सात घंटे पहले खत्म हुआ।

Starship बाद में नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वातावरण में वापस आया और प्रशांत महासागर में splashdown किया। यानी मिशन ने तीन अहम चरण—orbit हासिल करना, satellites deploy करना और spacecraft को वापस लाना—पूरा किया।

यह उपलब्धि केवल SpaceX के commercial satellite business तक सीमित नहीं है। NASA भविष्य के Artemis missions में Starship के एक संशोधित संस्करण को astronauts को चंद्र सतह तक पहुंचाने वाले lunar lander के रूप में इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रही है। इसलिए Starship की orbital capability साबित होना अमेरिकी Moon programme के लिए भी महत्वपूर्ण तकनीकी पड़ाव है।

हालांकि सफल orbital flight के बावजूद Starship का development programme पूरा नहीं हुआ है। engine reliability, reusable operations और लगातार सुरक्षित flights जैसी क्षमताओं को अभी आगे के परीक्षणों में साबित करना होगा।

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