नई दिल्ली: राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सख्त कदम उठाया है। निगम ने शहर के 2,453 पीजी भवनों का ढांचागत सुरक्षा परीक्षण कराने और संचालकों से 15 दिनों के भीतर सुरक्षा प्रमाणपत्र लेने का निर्देश दिया है। इन भवनों में लगभग 50 हजार विद्यार्थी और अन्य लोग रहते हैं।
यह कार्रवाई सत्य निकेतन में हाल ही में एक इमारत ढहने की घटना के बाद की जा रही है। हादसे में दिल्ली विश्वविद्यालय के पांच विद्यार्थियों सहित सात लोगों की मौत हुई थी।
चार इमारतें पहले ही खतरनाक चिह्नित
नगर निगम के सर्वेक्षण में चार पीजी भवन स्पष्ट रूप से असुरक्षित पाए गए हैं। इन्हें खाली कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने सभी 12 जोन के भवन विभागों को निरीक्षण प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
संचालकों को एमसीडी से अधिकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियर से भवन की जांच कराकर प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले पीजी परिसरों को खाली कराने या सील करने की कार्रवाई हो सकती है।
हजारों छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
सर्वेक्षण से यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में पीजी भवनों के स्वीकृत नक्शे नगर निगम के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। इससे इन इमारतों की वैधानिक स्थिति और संरचनात्मक मजबूती की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य विद्यार्थियों और किरायेदारों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करना तथा भविष्य में इमारत ढहने जैसी घटनाओं का खतरा कम करना है।

