रायपुर: छत्तीसगढ़ में कई दिनों की भारी बारिश और बाढ़ के बाद प्रभावित आबादी का दायरा बढ़कर 571 गांवों के 22,377 लोगों तक पहुंच गया है। राज्य सरकार से सामने आए ताजा आंकड़ों के अनुसार NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने अब तक 16,074 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
राज्य के अलग-अलग जिलों में 173 राहत शिविर बनाए गए हैं, जिनमें करीब 17,540 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। इन शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य जांच, दवाइयों और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ और अतिवृष्टि से अब तक आठ लोगों की मौत की सूचना है। इसके अलावा 172 पशुओं की मौत हुई है। प्रारंभिक नुकसान आकलन में 199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 1,155 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। प्रशासन ने राजस्व विभाग को नुकसान का सर्वे तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र परिवारों को नियमानुसार सहायता दी जा सके। Channel 24 India
सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां बस्तर संभाग के कई इलाकों में बनी हुई हैं। सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल होने के कारण कुछ स्थानों पर हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा है। बीजापुर में कई दिनों से फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकाला गया, जबकि बस्तर में भी फंसे लोगों के लिए airlift operation चलाया गया। Nai Dunia
बारिश की तीव्रता कुछ स्थानों पर कम हुई है, लेकिन नदियों में ऊपर से आ रहे पानी और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है। इसलिए राहत एजेंसियां निचले इलाकों से लोगों को निकालने और पहले से स्थापित राहत शिविरों को चालू रखने पर ध्यान दे रही हैं।
बस्तर के अलावा रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, नारायणपुर और दूसरे जिलों में भी बाढ़ का असर दर्ज किया गया है। इससे पहले खारुन नदी का पानी बढ़ने से रायपुर-दुर्ग क्षेत्र में कई सड़कें और नदी किनारे की बस्तियां जलमग्न हुई थीं। The Daily Jagran
बाढ़ ने सड़क संपर्क को भी प्रभावित किया है। बस्तर क्षेत्र में NH-30 के कुछ हिस्सों पर पानी आने से यातायात बाधित हुआ और कई गांवों का सामान्य सड़क संपर्क टूट गया। राहत टीमों की प्राथमिकता ऐसे क्षेत्रों तक भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से जलमग्न सड़क या पुल पार करने की कोशिश नहीं करने और निकासी का निर्देश मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। फिलहाल राहत एवं नुकसान के आकलन की प्रक्रिया जारी है, इसलिए प्रभावित गांवों और लोगों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है।

