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शेयर बाज़ार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 878 अंक टूटा, निफ्टी 22,860 के पास फिसला

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा।

झटपट समझें

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली इसके मुख्य कारण रहे।

मुख्य बातें

  • सेंसेक्स 877.85 अंक (1.19%) गिरकर 73,017.89 पर कारोबार कर रहा था।
  • निफ्टी 50, 281.45 अंक (1.22%) टूटकर 22,859.05 पर पहुंच गया।
  • अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार पर सबसे बड़ा दबाव डाला।
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को ₹4,157 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे।
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का शेयर अपने IPO मूल्य से नीचे चला गया।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, कच्चे तेल में तेजी।
सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई।

मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिल रही है। सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे BSE SENSEX 877.85 अंक यानी 1.19% गिरकर 73,017.89 पर कारोबार कर रहा था। वहीं NIFTY 50 281.45 अंक यानी 1.22% टूटकर 22,859.05 पर पहुंच गया।

सुबह बाजार खुलते ही लार्जकैप से लेकर व्यापक बाजार तक बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। Aaj Tak ने भी सोमवार सुबह की प्रमुख खबरों में शेयर बाजार की तेज गिरावट को प्रमुखता दी है।

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा आई तेजी से जुड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में गतिरोध की खबरों के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे भारत जैसे बड़े crude importer के लिए महंगाई, चालू खाते और रुपये को लेकर चिंता फिर बढ़ी है।

तेल महंगा होने का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए crude में तेज उछाल से कंपनियों की input cost, ईंधन कीमतों और मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने की आशंका बाजार sentiment को प्रभावित करती है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। Moneycontrol के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को ₹4,157 करोड़ से अधिक के भारतीय शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹4,140 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की। इसके बावजूद विदेशी पूंजी की निकासी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

सोमवार की गिरावट पिछले सप्ताह की कमजोरी के बाद आई है। बाजार पहले से geopolitical uncertainty, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और तेल की कीमतों को लेकर संवेदनशील बना हुआ था। इसलिए crude में ताजा तेजी ने शुरुआती कारोबार में risk-off sentiment को और मजबूत कर दिया।

इसी कमजोरी के बीच हाल में सूचीबद्ध National Stock Exchange of India का शेयर भी सोमवार के कारोबार में अपने ₹1,785 के IPO issue price से नीचे चला गया। Business Standard के अनुसार शेयर करीब 2% गिरकर ₹1,761 तक पहुंचा।

निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण संकेत crude oil की चाल, विदेशी निवेशकों का flow और पश्चिम एशिया से आने वाली geopolitical खबरें होंगी। बाजार अभी खुला है, इसलिए दिन के दौरान Sensex-Nifty के स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है।

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