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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: मुंबई में जयशंकर-रुबियो की मुलाकात, डील के करीब पहुंचे दोनों देश

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, कुछ मुद्दों पर सहमति बाकी, जल्द समाधान की उम्मीद

मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास भारतीय और अमेरिकी झंडे लगे हैं, जिसमें एक हवाई जहाज ऊपर से उड़ रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई।
मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जैसा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद बताया। दोनों देश समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, हालांकि कुछ मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है।

  • मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई।
  • रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।
  • समझौते से जुड़े कुछ मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है, जिनके जल्द समाधान की उम्मीद है।
  • दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई।
  • रुबियो ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की सराहना की।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री 21 अक्टूबर को गुजरात के जामनगर स्थित रिफाइनरी परिसर का दौरा करेंगे।

मुंबई: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण प्रगति के संकेत मिले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

रुबियो के अनुसार, समझौते से जुड़े कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इनका समाधान जल्द निकल सकता है। हालांकि, अभी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और इसकी आधिकारिक तारीख भी घोषित नहीं की गई है।

व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर बातचीत मुंबई में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

भारत और अमेरिका पिछले कई महीनों से व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। अमेरिकी आयात शुल्क और भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर दोनों देशों के संबंधों में तनाव भी रहा है।

फरवरी 2026 में बनी एक व्यापारिक रूपरेखा के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क दर घटाकर 18 प्रतिशत की गई थी। हालांकि, व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी रही।

भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की तारीफ जयशंकर से मुलाकात के बाद रुबियो ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल को परिष्कृत करने की बड़ी क्षमता है। विशेष रूप से भारी कच्चे तेल के प्रसंस्करण में भारत की विशेषज्ञता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।

रुबियो ने वेनेजुएला से तेल की उपलब्धता बढ़ने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने माना कि प्रतिबंधों और अन्य अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण इस दिशा में चुनौतियां बनी हुई हैं।

रूसी तेल की खरीद भी महत्वपूर्ण मुद्दा भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद लंबे समय से दोनों देशों के बीच चर्चा का विषय रही है।

अमेरिका ने हाल में भारत पर संभावित अतिरिक्त शुल्क लगाने से संबंधित कुछ प्रतिबंधात्मक प्रावधानों में अस्थायी राहत दी है। हालांकि, भविष्य में शुल्क लगाने के सवाल पर अमेरिकी प्रशासन की समीक्षा जारी है।

भारत का कहना रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद संबंधी नीतियां देश की जरूरतों, आपूर्ति की उपलब्धता और किफायती कीमतों को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं।

जामनगर रिफाइनरी का दौरा करेंगे रुबियो अमेरिकी विदेश मंत्री बुधवार, 21 अक्टूबर को गुजरात के जामनगर स्थित रिफाइनरी परिसर का दौरा करने वाले हैं।

यह परिसर दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग केंद्रों में शामिल है। इस यात्रा के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर बातचीत होने की उम्मीद है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अंतिम सहमति बनने की स्थिति में दोनों देशों के बीच वस्तुओं के व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों की अगली घोषणाओं पर नजर रहेगी।

प्रकाशित: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 8:06 PM IST

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