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जंतर-मंतर प्रदर्शन: रिहाई के बाद CJP नेताओं का दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप, कहा—फोन जब्त किए और वकील से मिलने नहीं दिया

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026: जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

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नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026: जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य बातें

  • नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026: जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
  • हिरासत से रिहा हुए सौरव दास और आशुतोष रांका ने दावा किया कि पुलिस ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के उन्हें हिरासत में रखा और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए।
  • मोबाइल फोन की क्लोनिंग का आरोप सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त करते समय कोई औपचारिक जब्ती दस्तावेज नहीं दिया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन: रिहाई के बाद CJP नेताओं का दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप, कहा—फोन जब्त किए और वकील से मिलने नहीं दिया
जंतर-मंतर प्रदर्शन: रिहाई के बाद CJP नेताओं का दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप, कहा—फोन जब्त किए और वकील से मिलने नहीं दिया

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026: जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। हिरासत से रिहा हुए सौरव दास और आशुतोष रांका ने दावा किया कि पुलिस ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के उन्हें हिरासत में रखा और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए।

मोबाइल फोन की क्लोनिंग का आरोप सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त करते समय कोई औपचारिक जब्ती दस्तावेज नहीं दिया। उन्होंने आशंका जताई कि फोन का डेटा कॉपी किया गया हो सकता है या उसमें छेड़छाड़ हुई हो सकती है।

हालांकि, फोन हैक या क्लोन किए जाने का कोई स्वतंत्र प्रमाण अभी सामने नहीं आया है। नेताओं ने हिरासत के दौरान वकीलों से संपर्क नहीं करने देने और कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के आरोप भी लगाए हैं।

एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहाई इससे पहले कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने CJP के तीन नेताओं—अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका—की रिहाई का आदेश दिया था। उन्हें एक वर्ष तक शांति बनाए रखने की शर्त पर छोड़ा गया।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के कारण एहतियाती कार्रवाई की गई। पुलिस ने 10 अक्टूबर के घटनाक्रम से संबंधित 20 से अधिक एफआईआर दर्ज होने की भी जानकारी दी है।

प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि रिहाई के बाद भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जुड़े पक्ष मतदाता सूची में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को दिल्ली में सामान्य आवाजाही, मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं कानून के अनुसार संचालित रखने तथा अवैध हिरासत रोकने के निर्देश दिए हैं। संबंधित मामलों की आगे सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।

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