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शेयर बाज़ार में दोपहर तक भारी गिरावट: सेंसेक्स 950 अंक टूटा, निफ्टी 22,400 के नीचे

ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली, वैश्विक जोखिमों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव

झटपट समझें

शेयर बाजार में दोपहर तक बड़ी गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स 950 अंक से अधिक टूटा और निफ्टी 22,400 के स्तर से नीचे फिसल गया, जिसका मुख्य कारण ऑटो शेयरों में बिकवाली और वैश्विक जोखिम थे।

मुख्य बातें

  • BSE Sensex 950 अंक से ज्यादा नीचे चला गया।
  • Nifty 50 में 319 अंकों की गिरावट आई और यह 22,400 के नीचे फिसल गया।
  • ऑटो सेक्टर पर बाजार का सबसे अधिक दबाव दिखाई दिया।
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को भारतीय शेयरों से करीब 1.06 अरब डॉलर निकाले।
  • रुपया कमजोर होकर लगभग ₹95.99 प्रति डॉलर तक पहुंचा।
शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी नीचे, ऑटो शेयर पर दबाव।
शेयर बाजार में दोपहर तक बिकवाली अचानक तेज हो गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

मुंबई: अक्टूबर के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में दोपहर तक बिकवाली अचानक तेज हो गई। सुबह सीमित गिरावट के साथ खुले बाजार में करीब 1 बजे दबाव काफी बढ़ा और BSE Sensex 950 अंक से ज्यादा नीचे चला गया, जबकि Nifty 50 में करीब 319 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और सूचकांक 22,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

सुबह 9:15 बजे Sensex करीब 150 अंक और Nifty लगभग 58 अंक नीचे खुले थे। यानी शुरुआती कमजोरी दोपहर तक व्यापक बिकवाली में बदल गई। बाजार में सबसे अधिक दबाव ऑटो सेक्टर पर दिखाई दिया।

Bajaj Auto के शेयर में दोपहर तक 7% से अधिक की गिरावट देखी गई। कंपनी की सितंबर की कुल बिक्री सालाना आधार पर बढ़ी, लेकिन घरेलू बिक्री में 9% गिरावट ने निवेशकों को निराश किया। Mahindra & Mahindra के शेयर भी 4% से ज्यादा टूटे।

इसके उलट Kotak Mahindra Bank के शेयर में तेजी दिखाई दी। बैंक ने अनूप कुमार साहा को नया MD और CEO नियुक्त करने की घोषणा की है। वह 1 जनवरी 2027 से पद संभालेंगे। Reuters के मुताबिक घोषणा के बाद बैंक का शेयर बढ़ा, जबकि व्यापक बाजार दबाव में रहा।

बाजार की कमजोरी के पीछे घरेलू कंपनियों के नतीजों से ज्यादा वैश्विक जोखिम अहम हैं। ऊंची अमेरिकी bond yields, मजबूत डॉलर और महंगे crude oil ने emerging markets के प्रति निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम की है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी भारतीय equities पर दबाव बढ़ा रही है।

विदेशी निवेशकों ने बुधवार को ही भारतीय शेयरों से करीब 1.06 अरब डॉलर निकाले। पिछले पांच sessions में outflow करीब 3.6 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और 2026 में अब तक foreign equity outflow रिकॉर्ड 27.8 अरब डॉलर है।

मुद्रा बाजार में भी दबाव बना हुआ है। रुपया गुरुवार को कमजोर होकर लगभग ₹95.99 प्रति डॉलर तक पहुंचा। सरकारी बैंकों की डॉलर बिक्री ने रुपये को 96 प्रति डॉलर के आसपास कुछ सहारा दिया।

सरकार की सितंबर Monthly Economic Review ने भी ऊंचे crude prices, geopolitical tensions और सख्त वैश्विक financial conditions से भारत में imported inflation बढ़ने का जोखिम बताया है। इसलिए शेयर बाजार की मौजूदा कमजोरी को केवल एक दिन की profit-booking के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा।

हालांकि दोपहर के स्तर intraday figures हैं और बाजार बंद होने तक Sensex-Nifty में बदलाव संभव है। इसलिए 950 अंक की गिरावट को आज का closing loss नहीं माना जाना चाहिए।

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