समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव गुरुवार को सपा नेता आजम खान से मिलने रामपुर जिला जेल पहुंचे। अखिलेश यादव जेल के अंदर दाखिल हुए। उनके साथ आजम खान के छोटे बेटे अदीब आजम भी रहे। जेल प्रशासन ने उन्हें 45 मिनट की मुलाकात का समय दिया है। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान मौजूदा राजनीतिक हालात, आगामी चुनाव की रणनीति, सीटों के समीकरण और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। जेल में करीब 45 मिनट तक बातचीत के बाद अखिलेश आजम के घर जाएंगे और परिवार के लोगों से मुलाकात करेंगे।
इस मुलाकात के अपने माने हैं सपा को मिशन-2027 साधने के लिए रामपुर की जिला जेल गुरुवार को बेहद खास है। खास इसलिए क्योंकि, आज यहां सपा मुखिया अखिलेश यादव और सपा के बड़े मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले आजम खान की मुलाकात हो रही है। दो सियासी लोगों की चुनाव से पूर्व की यह मुलाकात पश्चिमी यूपी में सियासत की एक नई इबारत लिखेगी। राजनीति के जानकारों की मानें तो इस मुलाकात के अपने माने हैं।
एक साल 14 दिन बाद दोनों की मुलाकात सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुलाकात को लेकर रामपुर में सुरक्षा चोकस है। करीब एक साल 14 दिन बाद गुरुवार यानि आज दोनों नेताओं की मुलाकात हो रही है। अखिलेश यादव के आगमन को देखते हुए पुलिस ने जौहर यूनिवर्सिटी से लेकर जिला कारागार और आजम खान के आवास तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रास्तों पर पुलिस का पहरा रहेगा तो चौराहों पर भी फोर्स तैनात की जाएगी। इतना ही नहीं, सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की छतों से भी निगरानी रखी जाएगी।
पिछले साल आठ अक्टूबर को आए थे अखिलेश आजम खान और अखिलेश यादव की मुलाकात राजनीतिक लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। इससे पहले अखिलेश यादव आठ अक्टूबर 2025 को आजम खान से मिलने रामपुर आए थे। अब 22 अक्टूबर को मुलाकात के साथ दोनों नेताओं की दूसरी बार मुलाकात है। इस बीच प्रदेश की राजनीति में कई घटनाक्रम हुए हैं। ऐसे में रामपुर में होने वाली इस मुलाकात पर सियासी नजरें भी टिकी रहेंगी।
हेलीपैड से जेल तक पुलिस का पहरा अखिलेश यादव के आगमन को देखते हुए जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड, जिला कारागार और आजम खां के आवास के आसपास पुलिस बल तैनात है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। काफिले के आवागमन के दौरान यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। वहीं, ऊंची इमारतों और आसपास की छतों से भी निगरानी की गई, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।
प्रकाशित: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 6:16 PM IST

