देहरादून: उत्तराखंड में भारी बारिश के पूर्वानुमान और मौसम विभाग के रेड-ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को शनिवार दोपहर से 27 सितंबर तक स्थगित कर दिया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने संबंधित जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब शनिवार सुबह से उत्तराखंड के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी की भी सूचना है। ताजा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक फिलहाल राज्य में बारिश के इस दौर से किसी बड़ी जनहानि या व्यापक नुकसान की सूचना नहीं है।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए येलो अलर्ट है।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा भी शनिवार दोपहर से रोक दी है। यात्रियों को जहां वे मौजूद हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर रुकने का निर्देश दिया गया है। खराब मौसम के कारण केदारनाथ की हेली सेवा भी शनिवार को बंद रही।
सुरक्षा उपाय केवल तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं हैं। भारी बारिश की चेतावनी के बीच राज्य के पांच जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है। प्रशासन संवेदनशील सड़कों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों की स्थिति पर नजर रख रहा है।
गढ़वाल कमिश्नर के आदेश के मुताबिक देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है। पहले से मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को मौसम साफ होने और प्रशासन से आगे बढ़ने की अनुमति मिलने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी गई है।
यात्रा दोबारा शुरू होने का फैसला 27 सितंबर के बाद मौसम और मार्गों की वास्तविक स्थिति देखकर लिया जाएगा। इसलिए बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री या यमुनोत्री जाने की योजना बना रहे यात्रियों को प्रस्थान से पहले स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक यात्रा advisories की ताजा जानकारी देखनी चाहिए।

