नागोया: भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी Anahat Singh ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार वापसी करते हुए महिला एकल के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में अनाहत ने मेजबान जापान की वर्ल्ड नंबर-6 सातोमी वातानाबे को 3-2 से हराया। इस जीत के साथ भारत का कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित हो गया है।
मुकाबले की शुरुआत अनाहत के लिए मुश्किल रही। वातानाबे ने पहले दो गेम 11-9 और 13-11 से जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली थी। तीसरे गेम में भी जापानी खिलाड़ी जीत के बेहद करीब पहुंच गईं, लेकिन अनाहत ने दबाव में दो मैच प्वाइंट बचाते हुए गेम 12-10 से अपने नाम किया। इसके बाद मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
चौथे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए वातानाबे को 11-6 से हराया और मुकाबला 2-2 की बराबरी पर ला दिया। निर्णायक पांचवें गेम में अनाहत ने शुरू से नियंत्रण बनाए रखा और 11-3 से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल किया। अंतिम स्कोर 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 रहा। Deccan Chronicle
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वातानाबे से अनाहत की पिछली भिड़ंत भी पांच गेम तक चली थी, लेकिन तब जापानी खिलाड़ी ने 3-2 से मुकाबला जीता था। क्वार्टर फाइनल के बाद अनाहत ने बताया था कि उन्होंने उस हार का वीडियो बार-बार देखकर अपनी रणनीति में जरूरी बदलाव किए थे। शनिवार के सेमीफाइनल में वही तैयारी निर्णायक साबित हुई।
अनाहत ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को सिर्फ 15 मिनट में 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। अब फाइनल में उनके सामने गोल्ड मेडल जीतने के साथ एक और बड़ा पुरस्कार दांव पर रहेगा।
एशियन गेम्स 2026 की पुरुष और महिला एकल स्क्वैश स्पर्धाओं के गोल्ड मेडल विजेताओं को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मिलेगा। लॉस एंजिलिस में स्क्वैश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनने जा रहा है। इसलिए अनाहत के लिए फाइनल केवल एशियन गेम्स गोल्ड ही नहीं बल्कि ओलंपिक टिकट हासिल करने का भी मौका होगा।
भारतीय स्क्वैश के लिए शनिवार का दिन पहले ही सफल रहा है। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी कांस्य पदक हासिल किया।

