काठमांडू: नेपाल में लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से तबाही का दायरा बढ़ गया है। सोमवार शाम तक उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 24 लोगों की मौत हो चुकी है और 14 लोग लापता हैं। यह सुबह उपलब्ध 21 मौत और पांच लापता लोगों के आंकड़े से महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है।
सबसे ज्यादा नुकसान गंडकी प्रदेश में दर्ज किया गया है। बागलुंग में 10, म्याग्दी में छह और मनांग में दो लोगों की मौत हुई है। लुंबिनी प्रदेश के पाल्पा में पांच लोगों की जान गई, जबकि धनुषा की मिथिला नगरपालिका में भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हुई। India Today
लापता 14 लोगों में से 10 मनांग, तीन म्याग्दी और एक बागलुंग से हैं। प्रभावित इलाकों में तलाश और राहत अभियान जारी है। खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कें और लगातार भूस्खलन कई जगह बचाव कार्य को मुश्किल बना रहे हैं।
आपदा में कालीगंडकी नदी ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। मुस्तांग के लेटे क्षेत्र में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए नदी का प्रवाह बाधित हुआ। बाद में पानी ने मलबे के बीच रास्ता बनाया और प्रवाह फिर शुरू हुआ।
कालीगंडकी की बाढ़ ने स्याङ्जा और गुल्मी को जोड़ने वाला पक्का पुल भी बहा दिया है, जिससे दोनों जिलों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ। पर्वत जिले की एक बस्ती भी बाढ़ की चपेट में आई है।
बाढ़ और भूस्खलन से 747 परिवार सीधे प्रभावित बताए गए हैं। उपलब्ध नुकसान आकलन के अनुसार 143 मकान पूरी तरह और 51 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। गंडकी प्रदेश में अलग से किए गए आकलन में 195 मकान पूरी तरह और 26 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बताए गए हैं, जबकि 270 अन्य मकान जोखिम वाले क्षेत्र में हैं। करीब 1,500 लोगों के विस्थापित होने की सूचना है।
बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है। छह पुल पूरी तरह और दो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कालीगंडकी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्याङ्जा स्थित 144 मेगावाट कालीगंडकी-A जलविद्युत परियोजना के मिर्मी बांध के तीनों गेट खोल दिए गए और बिजली उत्पादन रोकना पड़ा।
बाढ़ से transmission infrastructure को भी नुकसान पहुंचा है। कालीगंडकी कॉरिडोर की 220 KV लाइन के टावर क्षतिग्रस्त होने और दूसरी परियोजनाओं में व्यवधान के कारण सैकड़ों मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित होने की सूचना है।
मनांग में स्थिति और गंभीर है। हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप के पास अलग हिमस्खलन में भी लोगों की मौत और कई के लापता होने की सूचना है। यह घटना बाढ़-भूस्खलन से अलग है और वहां भी खोज एवं बचाव अभियान जारी है।

